- पीआईसीयू का किया पर्यवेक्षण
- एम्बुलेंस और जरूरी दवाएं सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध है
- सभी चिकित्सक, आशा फैसिलिटेटर और चिकित्सकों को किया जा चुका है प्रशिक्षित
सीतामढ़ी। राज्य मे मस्तिष्क ज्वर/जेई के बढते प्रकोप को देखते हुए राज्य सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को इसके लिए तैयार रहने को कहा है। इसी कड़ी मे स्वास्थ्य विभाग की चार सदस्यीय टीम डॉ अनिल कुमार, अपर निदेशक सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी, भीबीडी के नेतृत्व मे सीतामढ़ी पहुंचकर “मस्तिष्क ज्वर ” से संबंधित तैयारी का आकलन किया। टीम ने पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रून्नीसैदपुर का पर्यवेक्षण किया फिर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डुमरा का पर्यवेक्षण करते हुए स्थानीय होटल मे सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों के चल रहे कार्यशाला मे पहुंच कर जिलापदाधिकारी/सिविल सर्जन/जिला भीबीडी नियंत्रण पदाधिकारी तथा प्रतिभागी सीएचओ के साथ “चमकी को धमकी” पोस्टर प्रदर्शन मे भाग लिए। इसके बाद टीम ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बाजपट्टी का पर्यवेक्षण तथा सदर अस्पताल मे नवनिर्मित “शिशु गहन चिकित्सा इकाई ” का पर्यवेक्षण किया। जिला की तैयारी को टीम ने संतोषजनक बताया। रून्नीसैदपुर और सदर अस्पताल मे मानक के अनुसार सभी दवा व उपकरण मौजूद मिले जबकि बाजपट्टी व डुमरा मे कुछ एक दवा नहीं पाई गई जिसे संबंधित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा शीघ्र आपूर्त करने का आश्वासन दिया गया। मौके पर मौजूद जिला भीबीडी नियंत्रण पदाधिकारी डॉ रवीन्द्र कुमार यादव ने टीम को बताया कि मस्तिष्क ज्वर की चुनौती के लिए सीतामढ़ी तैयार है। सभी चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों, आशा फेसिलिटेटरों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। आशा कार्यकर्त्ता को प्रखंड स्तर पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सभी ईएमटी को भी शीघ्र ही प्रशिक्षित किया जायेगा। सिविल सर्जन डॉ अखिलेश कुमार ने बताया कि तैयारी पूरी है सभी केंद्रों को सभी आवश्यक दवा व उपकरण तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। 24 ×7 रोस्टर लागू है। एम्बुलेंस सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर उपलब्ध हैं। टीम मे डॉ राजीव कुमार, राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, डॉ अमित व डॉ राजीव कुमार शिशु रोग विशेषज्ञ ने पर्यवेक्षण मे सहयोग किए।
150