शुक्ला जी भारत माता के ऐसे वीर सपूत थे जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया, सेंट्रल जेल का उनके नाम पर करने की मांग

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गया जी। बैकुंठ शुक्ल भारत के एक महान क्रांतिकारी एवं स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। उनका जन्म 15 मई 1907 को बिहार के वैशाली (तत्कालीन मुजफ्फरपुर) जिले के जलालपुर गांव में हुआ था। वे बचपन से ही राष्ट्रभक्ति की भावना से ओत-प्रोत थे और अंग्रेजी शासन के अत्याचारों से अत्यंत व्यथित रहते थे।

बैकुंठ शुक्ल प्रसिद्ध क्रांतिकारी संगठन हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (हसरा ) से जुड़े हुए थे। वे अमर शहीद भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद और उनके साथियों की क्रांतिकारी विचारधारा से प्रभावित थे।जब अंग्रेजों ने लाहौर षड्यंत्र केस में भगत सिंह और उनके साथियों को फांसी की सजा दिलाने में गवाह फणीन्द्रनाथ घोष की सहायता ली, तब क्रांतिकारियों ने उसे देशद्रोही माना है। बैकुंठ शुक्ल ने अपने साथियों के साथ मिलकर 1932 में फणीन्द्रनाथ घोष की हत्या कर दी है।

इस घटना के बाद अंग्रेज सरकार ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।मुकदमे के दौरान उन्होंने अद्भुत साहस और देशभक्ति का परिचय दिया है। अंग्रेजी सरकार ने उन्हें फांसी की सजा सुनाई। 14 मई 1934 को बिहार के गया सेंट्रल जेल में उन्हें फांसी दे दी गई है। उस समय उनकी आयु मात्र27वर्षथीबैकुंठ शुक्ल का बलिदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में अमर है। वे बिहार के उन महान सपूतों में गिने जाते हैं जिन्होंने मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए हंसते-हंसते अपने प्राण न्योछावर कर दिए।

आज स्वर्गीय बैकुंठ शुक्ल जी की शहीद दिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के नेता डॉ. मनीष पंकज मिश्रा एवं भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य राजेंद्र प्रसाद अधिवक्ता अन्य भाजपा नेताओं के द्वारा द्वारा उनके चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया। इस अवसर पर डॉ. मनीष पंकज मिश्रा ने कहा कि स्वर्गीय बैकुंठ शुक्ल जी भारत माता के ऐसे वीर सपूत थे जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उनका जीवन त्याग, बलिदान और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणादायक गाथा है।

अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष करते हुए उन्होंने जेल की यातनाएं सही, लेकिन कभी अपने कदम पीछे नहीं हटाए। गया सेंट्रल जेल में बंदी के रूप में रहते हुए भी उनका मनोबल अटूट रहा और वे देश की स्वतंत्रता के लिए समर्पित रहे हैं। भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य राजेंद्र प्रसाद अधिवक्ता ने कहा की गया सेंट्रल जेल का नाम स्वर्गीय बैकुंठ शुक्ल जी के नाम से करने की बिहार सरकार से मांग की “भारत माता की जय” एवं “वंदे मातरम्” के नारों के साथ उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी है।

श्रद्धा सुमन अर्पित करने वालों में भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य राजेंद्र प्रसाद अधिवक्ता संतोष ठाकुर राजू मिश्रागोपाल प्रसाद यादव मिराज असारी डॉ अशोक आकाश कुमार धर्मेंद्र प्रसाद महेश यादव मंटू कुमार आदि उपस्थित रहे।

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