एम एस एम  ई विभाग में भी पिछले साल की तुलना में 6.3% की वृद्धि हुई है : जीतन राम मांझी

Live News 24x7
5 Min Read
  • गया को पूर्वी भारत का एक बड़ा स्थान दीया गया है – केन्द्रीय मंत्री
  • बजट में एमएसएमई विभाग को मिला बड़ा अवसर:जीतनराम मांझी
 गया जी सांसद सह केंद्रीय एमएसएमई मंत्री जीतन मामा जी ने बोधगया में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में एमएसएमई मंत्रालय को बड़ा अवसर प्रदान किया है। क्योंकि एमएसएमई कम पूंजी के साथ ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में बड़ी संख्या में रोजगार प्रदान करते हैं।
एमएसएमई रोजगार सृजन का बड़ा माध्यम है।  इससे आय की असमानता दूर होती है। साथ ही जीडीपी और निर्यात में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है।एमएसएमई भारत के कुल विनिर्माण उत्पादन का 36 फीसदी और समग्र निर्यात में 45 फीसदी से अधिक का योगदान देता है जो विदेशी मुद्रा अर्जित करने में सहायक हैं।औद्योगिक विकास, उद्यमशीलता को बढ़ावा, नए उत्पादों के प्रति सक्रियता, तकनीकी उन्नयन में भी सहायक है।
 कमजोर वर्गों को उद्यमिता से जोड़कर सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देते हैं।
यही कारण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय बजट 2026-27 में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों में सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। इसका  उद्देश्य लोकल से ग्लोबल बनाना और आर्थिक विकास को गति देना है। उन्होंने कहा कि बोधगया में  भव्य मॉल का निर्माण किया जाएगा जहां खाड़ी कपड़ा और खाड़ी ग्रामउद्योग निर्मित सामग्रियों का भी बिक्री किया जाएगा। इस विदेशी लोग भी लाभान्वित होंगे। देश का दूसरा टेक्नोलॉजी सेंटर खिजरसराय में बनाया जा रहा है जहां इत्र और अन्य सामग्रियों का भी निर्माण किया जाएगा।
*एम एस एम  ई विभाग में भी पिछले साल की तुलना में 6.3% की वृद्धि हुई है*, जिसके माध्यम से बेरोजगारों को रोजगार दिया जाएगा। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि यह बजट दुविधा के स्थान पर निर्णय एवं लोकलुभावन के स्थान पर दिर्धकालिक जनहित भारत के जनता के हित को प्राथमिकता दी गई है। वैश्विक अस्थिरता के बाजबुद भारत ने लगभग सात प्रतिशत विकास दर बनाई रखी है। और राजकोषीय अनुशासन के साथ समाजिक आवश्यकताओं का  जिससे एक ध्रुवतारा माना गया है. वहीं 2047 तक पीएम मोदी की सरकार रहेगी, जो देश को तीसरी अर्थव्यवस्था बनाएंगे. यह लोग हम पर हास्यास्पद कह रहे हैं, लेकिन पीएम ने 2047 तक आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना की है ।
ईरान में एक बार जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी ने भारत की आबादी को हीं समस्या माना था।इस पर पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत की जनसंख्या कोई बोझ नहीं, बल्कि देश की ताकत है। और आगे बजट की विशेषताओं का जिक्र करते हुए कहा कि पहले कई ऐसे कानून बनाए गए थे जिनका कोई उपयोग नहीं था।कानून की किताबें मोटी होती जा रही थीं, लेकिन मौजूदा सरकार ने उन्हें सरल बनाकर जीवन की सुगमता बढ़ाने का काम किया है। प्रधानमंत्री ने बैंकिंग व्यवस्था में जन विश्वास 2.0 का सृजन किया गया है, जिससे लोगों का भरोसा और मजबूत हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिला नेतृतितव विकास को राष्ट्रीय प्रगति का आधार मानते हुए शिक्षा मे कन्या की भागीदारी बढाने एवं  लखपति दीदी उधम स्वामित्व तक विस्तार देने पर विशेष बल दिया गया है। उच्च शिक्षा मे अध्यनरत छात्राओं के लिए हर जिले में कन्या छात्रावास खोलेगी। बिहार और गया जी को पूर्वी भारत को विकास के नये केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में यह बजट निर्णायक सिद्ध होगा।
इस अवसर पर बिहार सरकार के मंत्री डॉ संतोष कुमार सुमन, बाराचट्टी की विधायिका ज्योति देवी, अतरी  विधानसभा के विधायक रोमित कुमार, पूर्व विधायक सह मंत्री तथा हम पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ अनिल कुमार, हम पार्टी के जिला अध्यक्ष नारायण मांझी , राजनीतिक सलाहकार डॉ दानिश रिजवान आदि मौजूद रहे।
13
Share This Article
Leave a review

Leave a review

Your email address will not be published. Required fields are marked *