- ग्रामीण प्रसूता को 1400 व शहरी को मिलती एक हजार रुपये की राशि
- जच्चा – बच्चा के जाँच व उपचार की भी मिलती है सुविधा
मोतिहारी। जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में संस्थागत प्रसव कराने पर जच्चा -बच्चा सुरक्षित रहता है साथ ही लाभुक क़ो आर्थिक लाभ भी मिलता है। प्राइवेट अस्पताल में बच्चे के जन्म कराने में जहाँ हजारों रुपए खर्च करने पड़ते है वहीं सरकारी अस्पताल में स्वच्छ वातावरण के साथ यह सुविधा मुफ्त में उपलब्ध है। सदर अस्पताल मोतिहारी के एमसीएच बिल्डिंग में डॉक्टरों की टीम, एसएनसीयू, एमएनसीयू, इमरजेंसी की सुविधा 24 घंटे उपलब्ध है। यहाँ महीने में 400 से अधिक नार्मल डिलीवरी होती है वहीं स्त्री रोग विशेषज्ञ के द्वारा सिजेरियन सुविधाएं भी उपलब्ध है। वहीं जन्म के समय गंभीर अवस्था में माता व शिशु के जीवन को बचाने के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध रहती हैं। इस सम्बन्ध में जिले के सीएस डॉ रविभूषण श्रीवास्तव ने बताया की सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, चिन्हित उप केंद्रों एवं जिला महिला अस्पताल में कुशल चिकित्सकों व प्रशिक्षित स्टाफ की देखरेख में प्रसव होता है।उन्होंने लोगों से सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने की अपील की। डीसीएम नंदन झा ने कहा की प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अन्तर्गत प्रत्येक माह 21 तारीख क़ो गर्भवती महिलाओं की जाँच की जाती है, वहीं आयरन, कैल्शियम, व अन्य दवाएं वितरित की जाती है।उन्होंने कहा अधिकाधिक महिलाएं संस्थागत प्रसव से लाभान्वित हों। इससे मातृ मृत्यु-दर एवं शिशु मृत्यु-दर में कमी आएगी, जननी सुरक्षा योजना का लाभ भी मिल सकेगा। सरकारी अस्पताल पर प्रसव कराने में ग्रामीण क्षेत्र की प्रसूताओं को 1400 रुपये व शहरी क्षेत्र की प्रसूताओं को 1000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है।
परिवार नियोजन परामर्श केंद्र पर उपलब्ध है संसाधन:
सदर अस्पताल के प्रबंधक कौशल दुबे ने कहा की एमसीएच बिल्डिंग में परिवार नियोजन परामर्श केंद्र पर अस्थायी संसाधन में कंडोम, माला, छाया, अंतरा, गर्भनिरोधक दवाएं वितरित की जाती है साथ ही स्थायी विधियों क़ो अपनाने के लिए परामर्श भी दिए जाते है।
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