सम्राट अशोक नंदनगढ़ क्लब लौरिया ने अशोक स्तंभ परिसर में मनाया सम्राट अशोक की जयंती।

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अशोक वर्मा

लौरिया पश्चिमी चंपारण : पश्चिम चंपारण के लौरिया स्थित ऐतिहासिक अशोक स्तंभ परिसर में सम्राट अशोक क्लब नंदनगढ़ लौरिया द्वारा भव्य जयंती समारोह का आयोजन किया गया ।गौरतलब है कि एक दशक से सम्राट अशोक के सत्य अहिंसा तथा शांति के संदेश ने आम लोगों को आकर्षित किया है और चंपारण इस मामले में अपने आप को काफी गौरवान्वित महसूस करता है कि दोनों चंपारण में सम्राट अशोक ने अपने राज्याभिषेक के अवसर पर चार अशोक स्तंभ लगाया। पहला स्तंभ अरेराज लौरिया दूसरा रामनगर लौरिया और दो अशोक स्तंभ रमपूरवा मे पूर्ण मे गाड़ा तो नहीं जा सका  अभी भी जमीन पर वह लेटा हुआ है ।वैसे सम्राट अशोक की जयंती या समारोह धीरे-धीरे वैसे वर्ग के हाथों में सिमटता जा रहा है जैसे  देश रत्न डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद ,सरदार वल्लभभाई पटेल तथा बलभद्र महाराज ,भामा शाह आदि जातिगत  समारोह के दायरे में सिमट कर रह गए हैं ।इस तरह कुशवाहा जाति के लोग सम्राट अशोक की जयंती मनाने मे अग्रणी भूमिका का निर्वाह कर रहे है। वैसे शून्यता के दौर मे एक तरह से ठीक भी है कि कोई ना कोई तो उन्हें अपना करीबी मानता है इसी बहाने उनकी जयंती तो मनाई जा रही है।                                  जयंती समारोह में काफी लोग अशोक स्तंभ परिसर मे इकठ्ठा हुए जिसमें महिला एवं पुरुष भी थे ।उन लोगों ने उक्त अक्सर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सम्राट अशोक ने सत्य और अहिंसा का संदेश दिया है।उस जमाने में प्रचार प्रसार का साधन स्तंभ पर खुदाई ही था और सम्राट अशोक ने पाली भाषा में इस स्तंभ पर सत्य अहिंसा का संदेश दिया  ।वक्ताओं ने यह भी कहा कि अपने राज्य के सभी लोगों को सम्राट अशोक एक समान नजर से देखते थे।स्तंभ के अपने संदेश में इस बात को वर्णित किए हैं ।                    कलिंग युद्ध के बाद लाखों लोग जब मारे गए थे अंर खून की नदिया बही थी तो अशोक को काफी पक्षाताप हुआ और उनका हृदय पिघल गया था,उन्होंने हिसा के मार्ग को छोड़कर अहिंसक मार्ग को अपनाया तथा देश में कई स्थानों पर अशोक स्तंभ गडवाकर उस पर अहिंसा का संदेश खुदवाया ।वक्ताओं ने यह भी कहा कि पशु पक्षियों ककीभी हत्या नहीं करनी है।मौके पर उपस्थित ब्रह्माकुमारी मीडिया विग के अशोक वर्मा सज्जन सिंघानिया ने  तमाम लोगों को शाकाहारी बनने का  संदेश दिया ।कहा कि सम्राट अशोक पशु पक्षी के हत्या के विरोधी थे इस तरह से  मांसाहारी भोजन का भी विरोध करते थे। संकल्प मे बीके वर्मा ने  कहा कि चंपारण बाल्मीकि, बुद्ध,चाणक्य, सम्राट अशोक और महात्मा गांधी की भूमि है ।यहां से पूरे विश्व को सत्य और अहिंसा का संदेश दिया गया है ।उक्त  अवसर पर बीके अशोक वर्मा ने सभी का हाथ निकलवा कर सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने का संकल्प कराया। सभी लोगों ने हाथ आगे कर संकल्प लिया कि न दुख लेंगे और न दुख देंगे,सभी के प्रति शुभ भावना और शुभ कामना रखेगे ,अहिंसा के मार्ग पर चलेगे।सभी लोगों ने  संकल्प को दोहराया। उक्त  अवसर पर मदन राम, डॉ अनिल कुशवाहा , शैलेश , राजेंद्र कुशवाहा ,राजबली कुमार, शंभू शरण कुशवाहा ,मदन राम ,सुरेंद्र कुमार, उमेश कुशवाहा, हीरा कुशवाहा ,भरत कुशवाहा के साथ काफी संख्या में महिला एवं पुरुष उपस्थित थे ।

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