- 21 से 24 सितंबर तक रात 10 बजे से होगा रक्त नमूना संग्रह, 900 लोगों की जांच का लक्ष्य
- विशुनपुर मानसिंह, दाऊद छपरा और चिकनौटा में संचालित होगा विशेष अभियान
- सिविल सर्जन की अध्यक्षता में लैब टेक्नीशियनों को दी गई जांच और रिपोर्टिंग की बारीकियां
शिवहर। जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने के संकल्प के तहत नाइट ब्लड सर्वे (एनबीएस) एवं प्री-टास गतिविधियों को धरातल पर प्रभावी ढंग से उतारने के लिए शनिवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण सिविल सर्जन डॉ. आर. के. सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।
कार्यशाला में जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. सुरेश राम, एफएलए कामेश्वर प्रसाद, पीरामल फाउंडेशन के प्रोग्राम लीडर रोहित कुमार एवं संचारी रोग प्रोग्राम ऑफिसर नवीन कुमार मिश्रा सहित स्वास्थ्य कर्मी व लैब टेक्नीशियन (एलटी) उपस्थित रहे।
गुणवत्तापूर्ण नमूना संग्रह और प्रोटोकॉल पर जोर:
प्रशिक्षण सत्र के दौरान लैब टेक्नीशियनों और सर्वे टीम को रात के समय ब्लड सैंपल एकत्र करने, स्लाइड तैयार करने, माइक्रोस्कोपिक जांच की सटीक प्रक्रिया तथा रिकॉर्डिंग-रिपोर्टिंग के आवश्यक मानकों की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने जोर दिया कि प्री-टास गतिविधियों को तय गाइडलाइंस के अनुसार पूरी पारदर्शिता और सटीकता के साथ पूरा किया जाए।
21 से 24 सितंबर तक चलेगा अभियान, 900 नमूनों का लक्ष्य:
बैठक में कार्ययोजना साझा करते हुए बताया गया कि जिले में 21 सितंबर से 24 सितंबर तक नाइट ब्लड सर्वे अभियान चलाया जाएगा। यह गतिविधि नगर परिषद क्षेत्र के विशुनपुर मानसिंह, दाऊद छपरा एवं चिकनौटा में आयोजित होगी, जहां कुल 900 लोगों के रक्त नमूने लेने का लक्ष्य रखा गया है।
फाइलेरिया के परजीवी (माइक्रोफाइलेरिया) रात्रि के समय ही इंसानी रक्त की परिधीय नलिकाओं (पेरीफेरल ब्लड) में सबसे ज्यादा सक्रिय होते हैं। इसलिए सटीक पहचान के लिए रक्त नमूने रात 10:00 बजे से एकत्र किए जाएंगे।
आपसी समन्वय से लक्ष्य हासिल करने का निर्देश
सिविल सर्जन व स्वास्थ्य अधिकारियों ने टीम सदस्यों को फील्ड में आपसी समन्वय के साथ काम करने, निर्धारित प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने तथा स्लाइड की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य जिले में फाइलेरिया सर्विलांस को सुदृढ़ करना और प्री-टास गतिविधियों को समयबद्ध तरीके से पूरा कर उन्मूलन की दिशा में ठोस कदम बढ़ाना है।
वहीं जिले में फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में संचालित प्री-टास एवं एनबीएस गतिविधियों को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न विभागों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय कर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया।
प्रोग्राम ऑफिसर–संचारी रोग नवीन कुमार मिश्रा एवं प्रोग्राम लीडर रोहित कुमार पीरामल फाउंडेशन शिवहर द्वारा जीविका, शिक्षा विभाग एवं स्कूलों तथा नगर परिषद के वार्ड पार्षदों के साथ आपसी समन्वय कर समुदाय को एनबीएस एवं प्री-टास गतिविधियों के संबंध में जागरूक किया गया।
इस दौरान जीविका समूहों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों तथा नगर परिषद के वार्ड पार्षदों से अपील की गई कि वे अपने-अपने क्षेत्र में समुदाय को जागरूक करें और एनबीएस गतिविधि में अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने में सहयोग करें।
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