पितृपक्ष मेला क्षेत्र में सफाई व्यवस्था की घंटे-घंटे होगी निगरानी : जिलाधिकारी

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  • 11 अक्टूबर तक मेला क्षेत्र की सड़कों एवं नालियों में कहीं भी गंदगी नहीं रहने देने का निर्देश
गया जी। पितृपक्ष मेला 2026 की तैयारियों को लेकर समाहरणालय सभागार में जिलाधिकारी डॉ. शशांक शुभंकर की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई है। इस बैठक में मेयर  वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान, नगर आयुक्त डॉ. गगन कुमार, सशक्त स्थायी समिति के सदस्य अखौरी ओंकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव सहित नगर निगम के पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता उपस्थित रहे हैं।
 इस  बैठक में मुख्य रूप से पितृपक्ष मेला क्षेत्र में सफाई व्यवस्था, नालियों की सफाई, कचरा प्रबंधन, फॉगिंग, प्रकाश व्यवस्था एवं श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई जाने वाली मूलभूत सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की गई है
। जिलाधिकारी डॉ. शशांक शुभंकर ने नगर निगम के सफाई व्यवस्था से जुड़े पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि पितृपक्ष मेला क्षेत्र की संपूर्ण सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी संबंधित पदाधिकारियों की होगी। उन्होंने निर्देश दिया कि आज से लेकर 11 अक्टूबर 2026 तक मेला क्षेत्र की सड़कों, गलियों एवं नालियों में कहीं भी गंदगी नहीं रहे, इसे हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। सफाई व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
 मेला क्षेत्र को अलग-अलग जोन में विभाजित कर पदाधिकारियों की जिम्मेदारी निर्धारित की गई है। प्रत्येक जोन में सफाई व्यवस्था की घंटे-घंटे निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। संबंधित अधिकारी स्वयं अपने क्षेत्र में भ्रमण कर सफाई व्यवस्था का जायजा लें और सफाई कर्मियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराएं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि मेला अवधि के दौरान संबंधित अधिकारी लगातार क्षेत्र का निरीक्षण करते रहें हैं। निरीक्षण के दौरान यदि कहीं गंदगी अथवा सफाई व्यवस्था में लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित पदाधिकारी से स्पष्टीकरण लिया जाएगा। उन्होंने सभी संबंधित कार्यों का अटेंडेंस चार्ट एवं विजिट चार्ट तैयार करने का निर्देश दिया, ताकि सफाई व्यवस्था एवं पदाधिकारियों की क्षेत्रीय उपस्थिति की नियमित मॉनिटरिंग की जा सके।
 इस  बैठक में मेयर  वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला गयाजी की पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों की सेवा एवं सुविधा नगर निगम की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मेला अवधि के दौरान सफाई व्यवस्था पर विशेष फोकस रखा जाए तथा श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित एवं बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
 सफाई व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए सभी संबंधित पदाधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने मेला क्षेत्र में लगातार निगरानी रखने तथा किसी भी समस्या का त्वरित समाधान करने पर जोर दिया है। मेयर द्वारा नगर निगम की ओर से पितृपक्ष मेला को लेकर की जा रही विभिन्न तैयारियों की जानकारी भी जिलाधिकारी को दी गई है।
आउटसोर्सिंग के माध्यम से होगी सफाई व्यवस्था
 मेयर ने बताया कि पूरे मेला क्षेत्र में आउटसोर्सिंग के माध्यम से सफाई व्यवस्था कराई जा रही है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर वाटर एटीएम की व्यवस्था की गई है। यह सुविधा पूरे वर्ष उपलब्ध रहेगी।
मेला क्षेत्र को आकर्षक एवं सुविधाजनक बनाने के लिए फल्गु नदी में लेजर लाइट शो की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा मेला क्षेत्र में हाईमास्ट लाइट, मिनी हाईमास्ट लाइट, स्ट्रीट लाइट एवं रोप लाइट के माध्यम से पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
घाट, तालाब एवं शौचालयों की विशेष सफाई
 मेला क्षेत्र के सभी प्रमुख घाटों, तालाबों एवं शौचालयों की साफ-सफाई के साथ-साथ आवश्यकतानुसार रंग-रोगन का कार्य कराया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सार्वजनिक स्थलों एवं प्रमुख आवागमन वाले क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को विशेष रूप से सुदृढ़ किया जा रहा है।
नए नालों एवं सड़कों का निर्माण, क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत
 मेयर ने बताया कि मेला क्षेत्र में नए नालों का निर्माण एवं सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है। इसके साथ ही क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का कार्य भी कराया जा रहा है, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो।
आधुनिक मशीनों से होगी सफाई एवं फॉगिंग
  सफाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक मशीनों का उपयोग किया जाएगा। मेला क्षेत्र में कचरा एवं धूल को नियंत्रित करने के लिए स्वीपिंग मशीन एवं स्प्रिंकलर मशीन से नियमित रूप से सफाई एवं पानी का छिड़काव कराया जाएगा।
इसके अलावा शौचालयों एवं प्रमुख स्थलों पर दुर्गंध नियंत्रण के लिए इत्र का छिड़काव कराया जाएगा। मच्छरों एवं अन्य कीटों के नियंत्रण के लिए नियमित फॉगिंग की व्यवस्था की गई है। मेला क्षेत्र में माउंटेड फॉगिंग मशीन के माध्यम से भी फॉगिंग कराई जाएगी।
 जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि पितृपक्ष मेला अवधि के दौरान स्वच्छता व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। सभी संबंधित विभाग एवं नगर निगम के पदाधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुंदर एवं सुविधाजनक मेला क्षेत्र उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
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