गया । गया कॉलेज, गया स्थित प्रेमचंद सभागार में आयोजित राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर स्मृति सह सम्मान समारोह के अंतर्गत दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन रविवार को हुआ है।इस कार्यक्रम के अंतिम दिन विभिन्न सरकारी एवं निजी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा राष्ट्रकवि दिनकर की रचनाओं का सस्वर पाठ प्रस्तुत किया गया है। बच्चों की ओजस्वी प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया है।
सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र एवं दिनकर रचित पुस्तक ‘हुंकार’ भेंट स्वरूप प्रदान की गई है। इस कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी संतोषानंद जी महाराज के उद्बोधन से हुआ है। उन्होंने “आर्ट ऑफ गिविंग” तथा राष्ट्रकवि दिनकर के साहित्यिक योगदान पर विस्तारपूर्वक अपने विचार व्यक्त किए हैं। इस अवसर पर चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवा के लिए डॉ चौधरी लक्ष्मी नारायण, डॉ अपराजिता कुमारी एवं डॉ बी. डी. शर्मा को “दिनकर सम्मान” से सम्मानित किया गया है।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए जगजीवन महाविद्यालय, गया के प्राचार्य डॉ सत्येंद्र प्रजापति ने कहा कि इस प्रकार के साहित्यिक आयोजनों से समाज में साहित्य के प्रति रुचि एवं जागरूकता बढ़ती है। पूर्व जिला पार्षद सत्येंद्र नारायण ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं।
वरिष्ठ साहित्यकार डॉ सचिदानंद प्रेमी ने कहा कि साहित्य समाज का आईना होता है तथा राष्ट्रकवि दिनकर की रचनाओं को विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए।
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे गया कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सतीश सिंह चंद्र ने घोषणा की कि युवाओं को प्रेरित करने हेतु गया कॉलेज परिसर में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
उनकी इस घोषणा का उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया है। आयोजक हिमांशु शेखर ने सरकार से राष्ट्रकवि दिनकर के नाम पर एक विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग की। उन्होंने सभी अतिथियों को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया है।
कार्यक्रम का संचालन अबरार आलम एवं ट्विंकल लक्षिता ने संयुक्त रूप से किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन हिमांशु शेखर ने किया है। इस कार्यक्रम में डॉ राम उदय कुमार, सुरेश सिंह, डॉ रुद्र चरण मांझी, शोधार्थी विशाल कुमार, नचिकेता वत्स, बृजमोहन शर्मा, संजय अथर्व, सुनील शर्मा, विजय कुमार मिट्ठू, राकेश कुमार सिन्हा रवि, रिंकू देवी, डॉ राजीव रंजन, प्रो. राजन, डॉ डॉ श्रीधर करुणानिधि, डॉ. सत्येंद्र सिंह चंद्र सहित सैकड़ों लोग उपस्थित हुए हैं।
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