गया जी। प्रख्यात शिक्षाविद, योग शिक्षा के विद्वान एवं वरिष्ठ समाजसेवी महावीर शास्त्री की पाँचवीं पुण्यतिथि उनके पैतृक गांव गया जिले के मोहनपुर प्रखंड अंतर्गत बरदाग गांव में श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में ग्रामीण, सामाजिक कार्यकर्ता एवं उनके अनुयायी शामिल हुए। कार्यक्रम में उनके पुत्र समाजसेवी सेनापति रंजय कुमार एवं पुत्रवधू श्रीमती रेनू सेनापति द्वारा ग्रामीण एवं जरूरतमंद लोगों के बीच वस्त्रों का वितरण किया गया।
महावीर शास्त्री का संपूर्ण जीवन समाज सेवा, जनकल्याण और मानवीय मूल्यों के प्रति समर्पित रहा। वर्ष 1962 में वे पहली बार केवला पंचायत के मुखिया निर्वाचित हुए और वर्ष 2002 तक लगातार इस पद पर रहकर जनता की सेवा करते रहे। अपने लंबे कार्यकाल में उन्होंने समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाने का प्रयास किया और निष्पक्ष, सरल एवं जनप्रिय नेतृत्व की मिसाल कायम की।
भूदान आंदोलन से लेकर ग्रामीण विकास तक निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
महावीर शास्त्री बिनोवा भावे के भूदान आंदोलन से भी सक्रिय रूप से जुड़े रहे। उन्होंने सैकड़ों एकड़ भूमि भूमिहीन लोगों के बीच दान करवाकर सामाजिक न्याय एवं समानता की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया। समाज सुधार और जनजागरण के प्रति उनका समर्पण लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।1990 के दशक में उन्होंने एक एनजीओ के माध्यम से मोहनपुर एवं बाराचट्टी प्रखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक चापाकलों का निर्माण करवाया जिससे हजारों ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल की सुविधा मिली। इसके अतिरिक्त वे मुगलसराय रेलवे मंडल के सदस्य भी रहे और कई सामाजिक एवं प्रशासनिक दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन किया।
योग शिक्षा और राजनीति में भी निभाई सक्रिय भूमिका
महावीर शास्त्री ने योगशास्त्री के रूप में भी समाज में विशेष पहचान बनाई। उन्होंने योग और उसके लाभों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया तथा लोगों को स्वस्थ, अनुशासित और संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा दी। वर्ष 1999 में उन्होंने चतरा लोकसभा चुनाव में भाग लेकर जनसेवा के अपने संकल्प को और मजबूत किया।
उनके व्यक्तित्व और कार्यों का प्रभाव इतना व्यापक था कि आज भी उनके अनेक अनुयायी राजनीति एवं समाज सेवा के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय हैं। श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित लोगों ने उनके आदर्शों को समाज के लिए प्रेरणादायी बताते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
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