सुरों की मलिका आशा भोंसले कई दौर को जीने वाली अद्भुत गायिका थीं : डाॅ. चन्द्रलता

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चंपारण सांस्कृतिक महोत्सव समिति ने आयोजित की श्रद्धांजलि सभा।

Live News 24×7 के लिए कैलाश गुप्ता।

मोतिहारी! मस्ती भरे अंदाज एवं अपनी अद्भुत व यादगार गायिकी से समा बाॅध आठ दशक तक दुनिया के संगीत प्रेमियों के दिलो पर राज करने वाली नायाब गायिका आशा भोंसले के निधन से चंपारण का कला जगत अत्यंत मायूस और मर्माहत है।

मंगलवार को शहर के हास्पिटल रोड़ स्थित वात्सल्य नर्सिंग होम परिसर मे चंपारण सांस्कृतिक महोत्सव समिति के तत्त्वावधान मे एक श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर आशा भोंसले को श्रद्धा सुमन अर्पित की गई।

कलाकर्मियो ने आशा भोंसले के चित्र पर पुष्प अर्पित किया, फिर संगीत की दुनिया मे उनके अविस्मरणीय योगदान को रेखांकित कर उन्हें नमन किया।

महोत्सव समिति की वर्किंग प्रेसिडेंट डाॅ. चन्द्रलता झा ने कहा कि सुरों की मलिका आशा भोंसले सिर्फ एक आवाज नही, बल्कि भारतीय संगीत के कई दौर को जीने वाली अद्भुत व महान कलाकार थीं, जिनका निधन भारतीय संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि संगीत जगत मे आशा भोंसले का अद्वितीय योगदान सदियो – सदियो तक याद किया जाता रहेगा।

डाॅ. स्वस्ति सिन्हा ने सुर सम्राज्ञी लता मंगेशकर के एक साक्षात्कार को याद करते हुए कहा कि लता ने कहा था कि संगीत की दुनिया मे कोई दूसरी लता तो बन सकती है, लेकिन आशा भोंसले बनना बेहद मुश्किल है।

डाॅ. अतुल कुमार ने कहा कि 20 से ज्यादा भारतीय व विदेशी भाषाओं मे करीब 12 हजार गीत गाने वाली आशा भोंसले ने अपनी स्वर लहरियो से श्रोताओ को गम मे भी मुस्कुराना सिखाया। उन्होंने कहा कि आशा के सुर सदियो तक कभी सादगी बनकर तो कभी शरारत बनकर श्रोताओ के कानो मे गूॅजते रहेंगे।

वरीय संस्कृतिकर्मी संजय पाण्डेय ने कहा कि आशा भोंसले के पास हर गाने के लिए एक अलग ‘साॅस’ थी, ठहराव था और नजाकत भी थी। श्री पाण्डेय ने कहा कि आशा भोंसले के गले मे हाई पीच का एनर्जिटिक सुर असाधारण था।

नीता शर्मा ने कहा कि व्यक्ति जैसा होता है, उसकी आवाज भी वैसी ही होती है। आशा भोंसले की आवाज मे अद्भुत गहराई थी और गजब की जिन्दादिली भी थी। उन्होंने कहा कि उनकी इन्द्रधनुषी आवाज और सुर सदियो तक फिजा मे मदहोशी फैलाते रहेंगे।

अनिल वर्मा ने कहा कि अपनी अद्भुत आवाज व अंदाज से आशा भोंसले ने भारतीय संगीत जगत को दुनिया मे एक नयी पहचान दी है। उन्होंने कहा आशा भोंसले के अद्वितीय व अमर आवाज सदियो तक मानव मन को तरंगित करते रहेंगे।

देवप्रिय मुखर्जी ने कहा कि अपने वर्सेटाईल गायन शैली से भारतीय संगीत को नयी ऊचाई देने वाली संगीत जगत की कीर्तिवंत आशा भोंसले के स्वर- लय सदियो तक दुनियाभर के संगीतप्रेमियो की स्मृतियों मे गूॅजते रहेंगे।

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