वाह रे शिक्षा विभाग : शिक्षकों के हक के लिए शिक्षक को करना पर रहा है अनशन पर, सुनील राय का आमरण अनशन हुआ शुरू, डीईओ ने नहीं लिया संज्ञान

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Live News 24×7 के लिए मोतिहारी से कैलाश गुप्ता।

मोतिहारी। शिक्षकों के विभिन्न मांगों के समर्थन में बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुनील कुमार राय ने दर्जनों शिक्षकों के साथ जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में सोमवार से मांग पूरी होने तक अनिश्चित कालीन आमरण अनशन प्रारंभ कर दिया है। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए श्री राय ने कहा कि जिले के प्रारंभिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक, विभाग के उदासीन रवैये के कारण विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे है।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिला शिक्षा पदाधिकारी का कार्यालय दलालों के चंगुल में कार्य कर रहा है। जिले के विभिन्न कोटि के शिक्षकों के बकाया ARREAR के भुगतान के लिए ACS SIR ने बार बार चेतावनी देते हुए 12/12/25 तक अंतिम रूप से भुगतान कर देने का समय दिया परंतु उनके आदेश को धत्ता बताते हुए वसूली के कारण आज तक विभिन्न प्रकार के ARREAR भुगतान नहीं हुआ।

अन्य जिले में शिक्षकों का भुगतान मात्र दो दिनों में संपन्न हो जाता है, परंतु यहां कभी HRMS या बिल फंस जाने का हवाला देकर बहाना बनाकर देरी किया जाता है ताकि शिक्षक दलालों के माध्यम से नजराना 2000 से 5000 रुपया तक किरानी को पहुंचा देते है और उसी दिन शाम तक वैसे शिक्षकों का भुगतान कर दिया जाता है। नहीं देने वाले शिक्षकों का आज तक भुगतान लटकाकर रखा गया है।

वही हाल जिले के लगभग सभी प्रखंडों में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में भी है। वहां भी कुछ दलालों को नजराना वसूली के लिए रखा गया है जो घोर निंदनीय है। बिना नियम के जिला व प्रखंड कार्यालय में शिक्षकों का प्रतिनियोजन कर आम शिक्षकों से नजराना वसूला जाता है। जो शिक्षक आचरण के विरुद्ध है।

उन्होंने कहा कि 20 वर्षों से राष्ट्र की मुख्यधारा शिक्षा प्रदान करने वाले नियोजित शिक्षक विभाग के उदासीन रवैये के कारण नियम होने के बाबजूद प्रोन्नति एवं स्थानांतरण पाने से वंचित है। सरकार सिर्फ शिक्षकों की समस्या समाधान करने की डपोरशंखी व्यानबाजी करते हैं। विशिष्ट शिक्षकों के बकाया वेतन का भुगतान व विद्यालय अध्यापकों को संशोधित मॅंहगाई भत्ता, आवास भत्ता एवं वार्षिक वेतन वृद्धि कर भुगतान किया जाय।

साथ ही स्नातक योग्यताधारी बेसिक ग्रेड शिक्षक को 8 वर्ष की सेवा पर स्नातक ग्रेड में प्रोन्नति दें साथ ही नियोजित प्रारंभिक शिक्षकों को 12 वर्षों की सेवा पर अगले वेतनमान में प्रोन्नति देने की प्रक्रिया पूर्ण करें। टीआरई 2 एनआईओएस डीएलएड शिक्षकों जिनकी नियुक्ति नवंबर 2025 में हुई है उनका वेतन पांच माह बीतने के बाद भी प्रारंभ नहीं किया गया जबकि राज्य के अनेकों जिलों में होली व ईद के समय से ही वेतन प्रारंभ कर दिया गया।

जबकि जिला शिक्षा पदाधिकारी भी इस संबंध में शिक्षकों के अभिभावकों द्वारा दिए गए अभ्यावेदन को 10 मार्च को ही आवश्यक कार्रवाई हेतु डीपीओ को प्रेषित कर चुके है लेकिन कार्यालय में कथित रूप से प्रतिनियोजित कर्मी एवं शिक्षकों द्वारा उनका वेतन भुगतान एचआरएमएस के नाम पर अबतक लंबित है। विडंबना है कि है कि प्रदर्शनकारी शिक्षकों के सामने से जिला शिक्षा पदाधिकारी कई बार गुजरे परंतु अनशन पर बैठे शिक्षकों की सुधी लेना मुनासिब नहीं समझे जो स्पष्ट रूप से शिक्षकों के संवैधानिक अधिकार एवं मानवीय मूल्यों की हत्या के समान है।

जबकि अनुमंडल पदाधिकारी मोतिहारी ने अपने पत्र के माध्यम से वार्ता कर समस्या के समाधान का निर्देश भी दिया है। जिसको लेकर श्री राय ने दुःख प्रकट करते हुए कहा कि दुखद बात तो यह है कि गांधी की कर्म भूमि पर आंदोलित शिक्षकों के साथ जिला शिक्षा पदाधिकारी वार्ता न कर अपनी असंवेदनशीलता का परिचय दिया है, इससे जिले के सभी शिक्षक मर्माहत और आक्रोशित हो  रहे है। कभी भी स्थिति विस्फोटक हो सकती है इसकी सारी जवाबदेही जिला शिक्षा पदाधिकारी की होगी। उन्होंने कहा कि जबतक हमारी मांगे पूरी नहीं होती है आंदोलन जारी रहेगा।

मौके पर जिला वरीय उपाध्यक्ष राकेश कुमार तिवारी, कोषाध्यक्ष शत्रुघ्न कुमार, छठू सिंह, प्रह्लाद कुमार, फैज अहमद, उमेश पंडित, सुमन कुमार, शशिशेखर, ताराचंद्र बैठा, राजमंगल यादव, शैलेश चंद्र, मो.आजाद खां, विष्णु कुमार प्रभाकर, जयंत कुमार आर्य, प्रकाशचंद्र समेत अन्य मौजूद है।

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