Live News 24×7 मोतिहारी से कैलाश गुप्ता।
मोतिहारी। जिला शिक्षा पदाधिकारी मोतिहारी का कार्यलय व जिला शिक्षा पदाधिकारी राजन कुमार गिरी एक बार फिर पुनः काफी चर्चा में आ गए है।
कार्यालय में फैली अराजकता व दलाली प्रथा को बंद करने को लेकर एक तरफ जहाँ शिक्षक संघ के नेता सुनील राय कल यानि सोमवार से अपनी 11 सूत्री मांगों के साथ आमरण अनशन करने की तैयारी कर चुके है।
वही उक्त मामले को लेकर बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी संघ, गोप गुट के संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष नासिर खान ने भी गत दिनों जिलाधिकारी को पत्र देकर कार्रवाई की मांग किया है।
श्री खान ने अपने पत्र में चार शिक्षकों का नाम अंकित करते हुए उनके कार्यालय में कार्य करते व अधिकारियों के साथ कार्यालय अवधि में कार्य करते व बैठे हुए तस्वीर भी दिया है। जिसमें परीक्षा कोषांग का प्रधान सहायक के साथ कार्य करते शिक्षक मोहम्मद जहीरुद्दीन, HRMS/CFMS कोषांग में कार्य करते शिक्षक इमामुद्दीन उर्फ बेताब, डीपीओ स्थापना के साथ कार्यालय अवधि में पूरे शान के साथ बैठकर तस्वीर खिंचवाते हुए शिक्षक मोहम्मद हारून राशिद जिनके द्वारा भी HRMS/CFMS कोषांग में कार्य किया जाता है तथा जिला शिक्षा पदाधिकारी के समक्ष पैर पर पैर चढ़ाकर बैठे हुए शिक्षक की तस्वीर है जिनके संबंध में बताया जाता है कि ये जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री गिरी के मुख्य सलाहकार के रूप में जाने जाते है।
शिकायतकर्ता श्री खान ने कहा है कि जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय में वर्षों से लगे सीसीटीवी कैमरे की जांच किया जाय तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि कार्यालय अवधि ये सभी शिक्षक प्रतिदिन कार्य करते है या नही। वही कई शिक्षक व संघ के नेताओं के द्वारा बताया जा रहा है कि कार्यालय में शिक्षकों के द्वारा ही शिक्षकों के वेतन, व बकाया वेतन, तमाम प्रकार के अन्य भुगतान कार्य, परीक्षा कोषांग तथा अन्य मुख्य कार्य भी किया जा रहा है।
वहीं जिला शिक्षा पदाधिकारी का मुख्य सलाहकार भी शिक्षकों को ही बताया जाता है। यहां तक कि एक कथित शिक्षक नेता द्वारा यह भी बताया जाता है कि एक शिक्षक मोहम्मद जहीरुद्दीन के द्वारा किये जा रहे कार्य के कारण ही जिला शिक्षा पदाधिकारी व जिला पदाधिकारी को सम्मानित किया जाता है।
यह भी बताया जाता है कि जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री गिरी वरीयता में काफी नीचे है इसके बावजूद अपने पहुँच बल से जिला शिक्षा पदाधिकारी का पद हासिल किये है। यह भी कहा जाता है की जून माह में इनको डीईओ पद से नही हटाया जाता है तो विभाग व सरकार के विरुद्ध जनहित याचिका भी दायर किया जा सकता है। वरीयता क्रम में श्री गिरी 90वें स्थान पर है जबकि इनके ऊपर लगभग एक दर्जन से अधिक वरीय अधिकारी कहीं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी है तो कई उप निदेशक के पद पर कार्य कर रहें हैं। बहराल इनके पदस्थापन से जहां विभाग पर उंगलियां उठने लगी है वहीं सरकार भी कटघरे में है।
गौरतलब हो कि पूर्व में भी जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री गिरी के विरुद्ध एक कार्यालयकर्मी ने हीं मुख्यमंत्री तक पत्राचार कर इनके व कुछ चहेते कार्यालयकर्मियों पर कार्रवाई व कार्यशैली में सुधार कराने का मांग किया था जो काफी सुर्खियों में रहा। कार्रवाई व कार्यशैली में सुधार तो नहीं हुआ परन्तु वह कर्मी अवश्य सुधर गया।
बताया जाता है कि जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री गिरी अपने पहुंच बल से उक्त कर्मी को जहां वैशाली में प्रतिनियुक्ति हीं नहीं बल्कि निलंबित भी करवा दिया जो आजतक निलंबित ही हैं जिसका मुख्यालय बेतिया जिला शिक्षा पदाधिकारी का कार्यालय है।
वहीं बताया जाता है कि पदस्थापना विवरणी के अनुसार जिले में कुल 41 लिपिक कार्यरत है जिसमें दरियापुर वायट, मोतिहारी डायट, एमजेके व जिला स्कूल में कुल 6 लिपिक है तथा एक निलंबित है। शेष लिपिक जिसमें कार्यालय अधीक्षक विनोद कुमार को कभी कभार ही कार्यालय में देखा जाता है तथा कार्यरत लिपिकों के वरीयता में प्रथम लिपिक विनय कुमार माध्यमिक संभाग में है जिनके पास कोई काम नही है। द्वितीय वरीय राजीव रंजन कुमार है जो स्थापना संभाग के लगभग सभी महत्वपूर्ण कार्यों के प्रभारी है।
परीक्षा कोषांग के प्रभार में प्रधान सहायक रविकांत हैं जबकि सभी कार्य शिक्षक मोहम्मद जहीरुद्दीन करते है। वहीं अन्य कई वरीय लिपिक के रहते कनीय लिपिकों से कार्य कराया जा रहा है तथा वरीय लिपिक बिना काम के ही लाखों रुपए वेतन उठा रहे हैं। वहीं कार्यालय में कई डेटा ऑपरेटर कार्यरत है, इसके बावजूद HRMS/CFMS में शिक्षक मोहम्मद इमामुद्दीन उर्फ बेताब तथा परीक्षा कोषांग में शिक्षक मोहम्मद जहीरुद्दीन के द्वारा कार्य किया जाता है।
बहराल अब देखना यह है कि क्या शिक्षक सुनील राय का आमरण अनशन सफल होगा? क्या नासिर खान की शिकायत रंग लाएगी? क्या जिलाधिकारी एक्शन लेंगे…….
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