1734 करोड़ का भारी-भरकम ऑर्डर, क्या सोमवार को KNR Constructions के शेयरों में आएगी जान

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ईरान-अमेरिका युद्ध के साये में जूझ रहे भारतीय शेयर बाजार के लिए सोमवार का दिन काफी अहम होने वाला है। इस बीच निवेशकों की पैनी नजर केएनआर कंस्ट्रक्शंस (KNR Constructions) के शेयरों पर रहेगी। कंपनी को नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) से एक विशाल प्रोजेक्ट मिला है, जो आने वाले समय में इसकी बैलेंस शीट और शेयरों की चाल को नई दिशा दे सकता है।

तेलंगाना में मिला ₹1734 करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट

केएनआर कंस्ट्रक्शंस ने शनिवार, 28 मार्च को एक्सचेंज फाइलिंग में जानकारी दी कि उन्हें तेलंगाना में NH-167 के निर्माण का जिम्मा मिला है।

प्रोजेक्ट का स्वरूप: यह ‘हाइब्रिड एन्यूटी मोड’ (HAM) के तहत हैदराबाद-पणजी सेक्शन में गुडेबेलूर से महबूबनगर तक 80 किमी के फोर लेन हाईवे का निर्माण है।

लागत: इस पूरे प्रोजेक्ट की वैल्यू ₹1734 करोड़ है।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस बड़े ऑर्डर से कंपनी की ‘ऑर्डर बुक’ मजबूत होगी, जो लंबे समय से निवेशकों की चिंता का विषय बनी हुई थी।

शेयरों का हाल: रिकॉर्ड हाई से 56% टूटा भाव

केएनआर कंस्ट्रक्शंस के निवेशकों के लिए पिछला एक साल काफी दर्दनाक रहा है।

रिकॉर्ड गिरावट: 24 अप्रैल 2025 को यह शेयर ₹247.65 के अपने साल के उच्चतम स्तर पर था।

मौजूदा स्थिति: केवल 11 महीनों के भीतर यह 56.17% टूटकर शुक्रवार (27 मार्च 2026) को ₹108.55 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया।

हालिया क्लोजिंग: शुक्रवार को बाजार में भारी बिकवाली के चलते यह 4.94% गिरकर ₹109.70 पर बंद हुआ था। सोमवार को इस नए ऑर्डर की खबर के बाद इसमें ‘बाउंस बैक’ की उम्मीद जताई जा रही है।

वित्तीय सेहत: मुनाफे और रेवेन्यू में भारी सेंध

प्रोजेक्ट मिलना अच्छी खबर है, लेकिन कंपनी के हालिया तिमाही नतीजे (Q3 FY26) थोड़े चिंताजनक रहे हैं:

नेट प्रॉफिट: दिसंबर 2025 तिमाही में मुनाफा सालाना आधार पर 58.7% गिरकर ₹102.8 करोड़ रह गया।

रेवेन्यू: रेवेन्यू भी 12.4% की गिरावट के साथ ₹743.2 करोड़ पर आ गया।

ऑपरेटिंग मार्जिन: कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन भी 30.1% से घटकर 22.4% पर सिमट गया है, जो लागत बढ़ने और कामकाज में सुस्ती का संकेत देता है।

मार्केट सेंटिमेंट: सेंसेक्स-निफ्टी पर युद्ध का साया

सोमवार को शेयर बाजार की दिशा केवल कंपनी की खबरों पर नहीं, बल्कि वैश्विक हालातों पर भी निर्भर करेगी। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने शुक्रवार को बाजार को हिला दिया था, जिसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी में 2-2% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि निफ्टी में अभी 7-8% की और गिरावट आ सकती है, ऐसे में निवेशकों को संभलकर खरीदारी करने की सलाह दी जा रही है।

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