महाराष्ट्र में स्वयंभू बाबा अशोक खरात पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों ने अब एक बड़े सियासी तूफान का रूप ले लिया है। कांग्रेस के दिग्गज नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजय वडेट्टीवार ने इस मामले में बेहद सनसनीखेज दावा किया है। उनका कहना है कि अगर बाबा खरात से जुड़े इस पूरे काले सच से पर्दा उठ गया, तो राज्य सरकार पर इसका सीधा और बड़ा असर पड़ सकता है। कांग्रेस नेता ने आशंका जताई है कि रसूखदार लोगों और बड़े सफेदपोशों को बचाने के लिए खरात को महज ‘बलि का बकरा’ बनाया जा सकता है।
क्या मिटाए जा रहे हैं सबूत? ‘एपस्टीन कांड’ से तुलना मीडिया से अनौपचारिक बातचीत के दौरान वडेट्टीवार ने सीधे तौर पर इस मामले को अमेरिका के कुख्यात ‘जेफ्री एपस्टीन कांड’ से जोड़ दिया। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस हाई-प्रोफाइल केस में सबूतों को खुर्द-बुर्द करने की पूरी कोशिश की जा सकती है। उन्होंने यह भी अंदेशा जताया कि राज उगलने के डर से आरोपी अशोक खरात की जान को भी खतरा हो सकता है।
39 विधायकों पर लटकी तलवार! नामों के खुलासे की मांग कांग्रेस नेता ने इस मामले में उन सभी मददगारों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है, जिन्होंने कथित तौर पर खरात को संरक्षण दिया। उन्होंने मंत्री दीपक केसरकर के उस बयान का प्रमुखता से जिक्र किया, जिसमें मंत्री ने दावा किया था कि खरात के संपर्क में 39 विधायक थे। वडेट्टीवार ने चुनौती देते हुए कहा कि सरकार तुरंत इन सभी विधायकों के नाम सार्वजनिक करे और उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज किए जाएं। उनका स्पष्ट आरोप है कि मामले को रफा-दफा करने का बड़ा खेल चल रहा है।
पीएम मोदी की नीतियों पर साधा निशाना बाबा खरात के मुद्दे के साथ-साथ वडेट्टीवार ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में पश्चिम एशिया संकट के कारण एलपीजी जैसी जरूरी चीजों के लिए लाइनें लग रही हैं, लेकिन सरकार का पूरा ध्यान सिर्फ और सिर्फ चुनावी राजनीति चमकाने पर है। उन्होंने मौजूदा हालात को लेकर सरकार की तैयारियों को कटघरे में खड़ा किया।
100 से ज्यादा शिकायतें, 1 अप्रैल तक बढ़ी रिमांड इस बीच, नासिक की एक अदालत ने रेप और यौन शोषण के मुख्य आरोपी अशोक खरात की पुलिस हिरासत रविवार को एक अप्रैल तक के लिए बढ़ा दी है। बता दें कि खरात को 18 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। नासिक के मिरगांव में एक मंदिर ट्रस्ट चलाने वाले खरात पर एक महिला ने तीन साल तक लगातार दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। पुलिस के विशेष जांच दल (SIT) के मुताबिक, अब तक उन्हें फोन पर 100 से अधिक महिलाओं की शिकायतें मिल चुकी हैं। सरकारवाड़ा थाने में इस ‘ढोंगी बाबा’ पर अब तक 10 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं।
नशीला पानी और राजनेताओं के ‘फर्जी नाम’ अदालत में सरकारी वकील शैलेंद्र बागडे ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि खरात महिलाओं के यौन शोषण से पहले उन्हें कोई खास ‘पानी या तरल पदार्थ’ पिलाता था, जिसकी जांच होना अभी बाकी है। इसके अलावा, आरोपी के मोबाइल फोन की ‘क्लोन रिपोर्ट’ भी आ चुकी है। एसआईटी अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि क्या खरात ने अपने फोन में राजनीतिक आकाओं और बड़े नेताओं के नंबर फर्जी नामों से सेव कर रखे थे? हालांकि, बचाव पक्ष के वकील ने जांच पूरी होने का दावा करते हुए रिमांड बढ़ाने का विरोध किया, लेकिन अदालत ने पुलिस को पूछताछ के लिए और समय दे दिया है।
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