मार्च का महीना खत्म होने को है और 1 अप्रैल से नए वित्त वर्ष की शुरुआत होने वाली है। ऐसे में देशभर के करोड़ों उपभोक्ताओं की नजरें एलपीजी सिलेंडर (LPG Cylinder) की कीमतों पर टिकी हैं। आज यानी 29 मार्च 2026 को तेल विपणन कंपनियों ने गैस के दामों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है, लेकिन इस महीने हुई ₹60 की भारी बढ़ोतरी के बाद घरेलू बजट अभी भी डगमगाया हुआ है। दिल्ली, मुंबई से लेकर लखनऊ तक, गैस सिलेंडर की कीमतें अब भी अपने उच्चतम स्तर के करीब बनी हुई हैं।
महानगरों में आज क्या है सिलेंडर का भाव?
देश के चारों प्रमुख महानगरों में आज घरेलू एलपीजी (14.2 किलो) की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। दिल्ली में आज सिलेंडर ₹913.00 पर मिल रहा है, जबकि आर्थिक राजधानी मुंबई में इसकी कीमत ₹912.50 है। वहीं कोलकाता में उपभोक्ताओं को एक सिलेंडर के लिए ₹939.00 और चेन्नई में ₹928.50 चुकाने पड़ रहे हैं। हालांकि, उत्तर प्रदेश के लखनऊ में यह भाव ₹950.50 तक पहुंच गया है, जो आम आदमी की जेब पर बड़ा असर डाल रहा है।
मार्च में लगा था महंगाई का बड़ा झटका
बता दें कि इसी महीने घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में ₹60 का तगड़ा इजाफा किया गया था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में आई उछाल के कारण तेल कंपनियों ने यह बोझ उपभोक्ताओं पर डाल दिया। इसके साथ ही कमर्शियल गैस सिलेंडर (19 किलो) की कीमतों में भी ₹144 से ज्यादा की बढ़ोतरी देखी गई थी, जिससे रेस्टोरेंट और ढाबों पर खाना महंगा हो गया है। फिलहाल महीने के अंत में कीमतें स्थिर रहने से उपभोक्ताओं ने थोड़ी राहत की सांस ली है।
1 अप्रैल को क्या फिर बदलेंगे दाम?
हर महीने की पहली तारीख को सरकारी तेल कंपनियां (IOCL, BPCL, HPCL) गैस की कीमतों की समीक्षा करती हैं। चूंकि अभी पश्चिम एशिया में तनाव बरकरार है और वैश्विक ऊर्जा संकट गहराया हुआ है, ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि 1 अप्रैल को एक बार फिर कीमतों में संशोधन हो सकता है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हालात नहीं सुधरे, तो आम जनता को महंगाई की एक और डोज मिल सकती है।
उज्ज्वला लाभार्थियों को मिल रही राहत
बढ़ती कीमतों के बीच सरकार की ओर से प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को ₹300 की सब्सिडी जारी है। दिल्ली में जहां सामान्य उपभोक्ता ₹913 दे रहे हैं, वहीं उज्ज्वला लाभार्थियों को सब्सिडी के बाद यह सिलेंडर करीब ₹613 का पड़ता है। सरकार का प्रयास है कि गरीब परिवारों पर बढ़ती ऊर्जा लागत का बोझ कम से कम पड़े।
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