भारतीय कॉर्पोरेट जगत के एक स्वर्णिम युग का अंत हो गया है। टेक्सटाइल साम्राज्य रेमंड (Raymond) के पूर्व चेयरमैन और ‘पद्म भूषण’ से सम्मानित विजयपत सिंघानिया का शनिवार, 28 मार्च की शाम मुंबई में निधन हो गया। 87 वर्षीय सिंघानिया ने न केवल भारतीय बिजनेस जगत को नई ऊंचाइयां दीं, बल्कि रोमांच और विमानन (Aviation) की दुनिया में भी वैश्विक कीर्तिमान स्थापित किए। उनके पुत्र और रेमंड समूह के वर्तमान सीएमडी गौतम सिंघानिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस दुखद खबर की पुष्टि की।
बिजनेस टायकून से वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर पायलट तक का सफर
विजयपत सिंघानिया केवल एक उद्योगपति नहीं थे, बल्कि जोखिम उठाने वाले एक जांबाज पायलट भी थे। 1980 में रेमंड समूह की कमान संभालने के बाद उन्होंने दो दशकों तक कंपनी का नेतृत्व किया और इसे एक वैश्विक ब्रांड बनाया।
हॉट एयर बैलून रिकॉर्ड: 2005 में 67 साल की उम्र में उन्होंने हॉट एयर बैलून के जरिए 69,000 फुट की ऊंचाई तक पहुंचकर विश्व रिकॉर्ड बनाया था।
लंदन से दिल्ली की उड़ान: 1988 में उन्होंने माइक्रोलाइट विमान से अकेले लंदन से नई दिल्ली तक की उड़ान भरकर सबको हैरान कर दिया था।
शिक्षा जगत में योगदान: वह 2007 से 2012 तक प्रतिष्ठित संस्थान IIM अहमदाबाद के शासकीय परिषद के अध्यक्ष भी रहे।
बोर्ड रूम से बाहर की चुनौतियां और पारिवारिक विवाद
सिंघानिया का जीवन जितना सफल रहा, उतना ही उतार-चढ़ाव भरा भी। साल 2000 में उन्होंने अपने बेटे गौतम सिंघानिया को कंपनी की बागडोर सौंपी और अपनी पूरी 37 प्रतिशत हिस्सेदारी उन्हें ट्रांसफर कर दी थी। पिछले कुछ वर्षों में पिता-पुत्र के बीच कानूनी विवाद और मतभेद की खबरें सुर्खियों में रहीं, हालांकि बाद में उनके बीच सुलह की खबरें भी सामने आई थीं। अपनी दूरदर्शिता के कारण उन्हें कॉर्पोरेट जगत में एक ‘विज़नरी लीडर’ माना जाता था, जिन्होंने 1991 के आर्थिक उदारीकरण के दौर में भी रेमंड को मजबूती से खड़ा रखा।
आज मुंबई में होगा अंतिम संस्कार
रेमंड समूह द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, विजयपत सिंघानिया का अंतिम संस्कार आज, रविवार 29 मार्च 2026 को दोपहर 1:30 बजे मुंबई के एलडी रूपारेल मार्ग स्थित ‘हवेली’ में किया जाएगा। उनके निधन पर उद्योग जगत, राजनीति और खेल जगत की दिग्गज हस्तियों ने शोक व्यक्त किया है। परिवार ने उन्हें एक ऐसी प्रेरणादायक शख्सियत बताया है जिनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों का मार्ग प्रशस्त करती रहेगी।
7
