जमुई में ‘माननीय’ का हाई वोल्टेज ड्रामा! महिला इंजीनियर पर बरसे विधायक प्रफुल्ल मांझी, ‘तुम-तड़ाक’ का वीडियो वायरल

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जमुई: बिहार के जमुई जिले की सिकंदरा विधानसभा सीट से ‘हम’ (HAM) पार्टी के विधायक प्रफुल्ल मांझी इन दिनों अपने एक विवादित वीडियो को लेकर सुर्खियों में हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में विधायक जी एक महिला जूनियर इंजीनियर (JE) पर आपा खोते और बुरी तरह चिल्लाते नजर आ रहे हैं। मामला बस स्टैंड की बाउंड्री वॉल के निर्माण में धांधली से जुड़ा है, लेकिन विधायक के ‘सख्त’ तेवरों और महिला अधिकारी के साथ उनके बर्ताव ने अब एक नई बहस छेड़ दी है।

क्या है पूरा विवाद? घटिया ईंटों पर भड़के विधायक

यह पूरा घटनाक्रम जमुई के निर्माणाधीन बस स्टैंड का है। लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से बन रही बाउंड्री वॉल का निरीक्षण करने जब विधायक प्रफुल्ल मांझी मौके पर पहुँचे, तो वे वहां इस्तेमाल हो रही ईंटों की गुणवत्ता देखकर आगबबूला हो गए। विधायक का आरोप है कि निर्माण कार्य में पुरानी और दोयम दर्जे की ईंटों का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा था। वीडियो में उन्हें चिल्लाते हुए सुना जा सकता है— “नई ईंट कहाँ है? इसे अभी तोड़ो और जांच करो!”

महिला JE की सफाई, पर विधायक का ‘तुम-तड़ाक’ जारी

मौके पर मौजूद महिला जूनियर इंजीनियर सोनी कुमारी ने विधायक को शांत करने और अपनी बात रखने की कोशिश की। उन्होंने सफाई दी कि विभाग ने पहले ही ठेकेदार को काम रोकने का लिखित निर्देश दे दिया था, लेकिन ठेकेदार ने आदेश की अनदेखी कर काम जारी रखा। हालांकि, विधायक इस दलील से संतुष्ट नहीं हुए। लगभग 5 मिनट तक चले इस ड्रामे में विधायक प्रफुल्ल मांझी महिला अधिकारी से बेहद तीखे लहजे और ‘तुम-तड़ाक’ वाली भाषा में बात करते दिखे, जिसे लेकर अब सोशल मीडिया पर लोग उनके आचरण पर सवाल उठा रहे हैं।

शिलान्यास की ‘टीस’ या भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती?

जहाँ एक तरफ विधायक इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति बता रहे हैं, वहीं स्थानीय गलियारों में चर्चा कुछ और ही है। ग्रामीणों और स्थानीय सूत्रों का कहना है कि बाउंड्री वॉल के शिलान्यास कार्यक्रम में विधायक जी को आमंत्रित नहीं किया गया था। चर्चा है कि इसी बात की ‘टीस’ में विधायक जी ने अपना सारा गुस्सा महिला इंजीनियर पर उतार दिया। हालांकि, विधायक मांझी ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि वे पिछले 3 साल से इस प्रोजेक्ट के लिए प्रयास कर रहे थे और वे सरकारी पैसे की बंदरबांट नहीं होने देंगे।

सोशल मीडिया पर बंटी जनता की राय

वीडियो वायरल होने के बाद इंटरनेट पर लोग दो गुटों में बंट गए हैं:

समर्थकों का कहना है: एक जनप्रतिनिधि का काम है कि वह सरकारी पैसे के दुरुपयोग पर अधिकारियों को आड़े हाथों ले। अगर काम खराब है तो सख्ती जरूरी है।

विरोधियों का तर्क: भ्रष्टाचार पर सवाल उठाना सही है, लेकिन एक महिला अधिकारी के साथ सार्वजनिक रूप से “तुम-तड़ाक” करना और उन पर चिल्लाना एक विधायक की गरिमा को शोभा नहीं देता।

आगे की स्थिति

फिलहाल, महिला JE सोनी कुमारी ने इस अपमानजनक व्यवहार पर चुप्पी साधी हुई है और कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। वहीं विधायक ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक पुरानी ईंटें हटाई नहीं जातीं और एस्टीमेट के अनुसार काम नहीं होता, तब तक निर्माण बंद रहेगा। अब देखना यह है कि क्या विभाग ठेकेदार पर कार्रवाई करता है या यह मामला राजनीतिक मोड़ लेता है।

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