हाथीपांव लाइलाज, दवा सेवन ही एकमात्र उपाय, भयमुक्त होकर दवा खाये: सीएस

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  • अभियान की तैयारियों पर गेट्स फाउंडेशन तथा सीएस ने की डीएम से मुलाकात
  • क्षेत्र भ्रमण कर सर्वजन दवा सेवन तैयारियों का गेट्स फाउंडेशन ने लिया जायज़ा
  • डीएम से भेंट सभी विभागों के साथ समन्वय बना कर दवा सेवन कराने पर चर्चा 
गया, 21 जनवरी: फाइलेरिया उन्मूलन के लिए 10 फरवरी से प्रारंभ होने वाले सर्वजन दवा सेवन अभियान की तैयारियों का गेट्स फाउंडेशन द्वारा जायज़ा लिया गया। गेट्स फाउंडेशन के डॉ माणिक ने इस विषय पर सिविल सर्जन डॉ राजाराम प्रसाद तथा जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ एमई हक से दवा भंडारण की व्यवस्था, स्वास्थ्यकर्मियों की ट्रेनिंग, माइक्रोप्लानिंग व संबंधित विषयों पर बात की। इसके बाद सिविल सर्जन तथा जिला वेक्टरजनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ एमई हक के साथ डीएम से मुलाकात कर तैयारियों पर अद्यतन जानकारी देते हुए भारत सरकार के इस अभियान में सभी विभागों से समन्वय तथा सहयोग करने पर चर्चा की गयी। इस दौरान विश्व स्वास्थ्य संगठन एसएमओ डॉ कुणाल, डीआईओ डॉ राजीव अंबष्ट, युनिसेफ एसएमसी अजय चेरोबिम, पीरामल स्वास्थ्य के सीनियर प्रोग्राम मैनेजर अभिषेक सिंह, प्रोग्राम लीडर विजय कुमार तथा डिस्ट्रिक्ट मैनेजर राजेश गिरि भी मौजूद रहे। डॉ माणिक ने बताया कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान बेलागंज के नाइट ब्लड सर्वे साइट सहित बोधगया तथा डोभी में स्वास्थ्य अधिकारियों से मुलाकात कर अभियान को सफल बनाने पर चर्चा की गयी। फाइलेरिया रोग के उन्मूलन के लिए तीन दवाओं आइवरमेक्टिन, डीईसी और अल्बेंडाजोल का सेवन जरूरी है। रोग की गंभीरता तथा इससे बचाव के लिए दवा सेवन के प्रति आमजन में सकारात्मक समझ बनाने के लिए मीडिया मीडिया से भी प्रचार—प्रसार पर बल दिया।
प्रखंड स्तर पर प्रशिक्षण जल्द शुरू करें: सिविल सर्जन 
वहीं बुधवार को सर्वजन दवा सेवन अभियान—आइडीए पर स्वास्थ्यकर्मियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतिम दिन सिविल सर्जन ने कहा कि फाइलेरिया जिसे आमभाषा में हाथीपांव कहा जाना है, इससे ग्रसित होने पर कोई इलाज नहीं है। दवा सेवन कर ही इस लाइलाज और अपंगता देने वाली बीमारी को जड़ से खत्म किया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से दवा सेवन कराने के अभियान को महत्व देते हुए दवा का सेवन करने के लिए आमजन से अपील है। निर्देश दिया कि सभी विभागों से समनव्य बना कर काम करें। प्रखंड स्तर पर प्रशिक्षण का आयोजन कर दवा सेवन की तकनीकी जानकारी दें तथा लोगों में दवा सेवन के प्रति भय नहीं रखने की अपील करें। डीपीएम नीलेश कुमार ने कहा कि आईईसी का उठाव सुनिश्चित करें। डॉ एमई हक ने बताया कि जिला स्तर पर मानपुर व परैया प्रखंडों को छोड़ कर सभी प्रखंडों के कॉम्यूनिटी हेल्थ अफसर सहित प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य पदाधिकारियों के प्रशिक्षण के बाद अब आशा का प्रखंड स्तर पर प्रशिक्षण किया जायेगा। आइसीडीएस, पंचायती राज, शिक्षा विभाग, आपूर्ति विभाग के कर्मचारियों से इस अभियान पर चर्चा कर अधिक से अधिक दवा सेवन की आवश्यकता के बारे में बतायें।
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