अनूप नारायण सिंह।
सारण लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सोनपुर विधानसभा क्षेत्र में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से टिकट के सबसे प्रबल दावेदार के रूप में अभय कुमार सिंह का नाम तेजी से उभरकर सामने आ रहा है। अभय कुमार सिंह पिछले 20 वर्षों से लगातार सोनपुर क्षेत्र में भाजपा संगठन और जनता की सेवा में सक्रिय हैं।स्थानीय होने के साथ-साथ अभय कुमार सिंह का संगठनात्मक अनुभव भी बेहद समृद्ध है। वे वर्तमान में भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य होने के साथ-साथ प्रदेश क्रीड़ा प्रकोष्ठ के प्रभारी की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं। संघ पृष्ठभूमि से आने वाले अभय कुमार सिंह का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से विशेष जुड़ाव रहा है, जिससे उनकी वैचारिक प्रतिबद्धता और संगठन के प्रति निष्ठा स्पष्ट होती है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सोनपुर जैसे जातीय रूप से संवेदनशील सीट, जहां राजपूत मतदाताओं की निर्णायक भूमिका होती है, वहां अभय कुमार सिंह जैसे स्थानीय और राजपूत समुदाय से आने वाले नेता भाजपा के लिए अत्यंत उपयुक्त और जीत के प्रबल दावेदार हैं।वहीं दूसरी ओर, पिछले दो चुनावों में पराजित हो चुके प्रत्याशी विनय कुमार सिंह के टिकट को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने हाल ही में स्पष्ट संकेत दिए हैं कि लगातार दो बार चुनाव हार चुके नेताओं को टिकट नहीं दिया जाएगा, ऐसे में नए और प्रभावी विकल्प की तलाश में पार्टी की नजरें अब अभय कुमार सिंह पर टिकी हैं।अभय कुमार सिंह का कहना है,”भाजपा मेरी आत्मा है। मैं पिछले दो दशकों से पार्टी के विचारों को लेकर सोनपुर की गलियों से गांवों तक काम कर रहा हूं। मेरा उद्देश्य केवल चुनाव लड़ना नहीं, बल्कि संगठन को और मजबूत बनाना और जनता की सेवा करना है। अगर पार्टी मुझे अवसर देती है, तो मैं इसे जिम्मेदारी और समर्पण के साथ निभाऊंगा।”सोनपुर क्षेत्र में पार्टी के कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों के बीच अभय कुमार सिंह की मजबूत पकड़ और सक्रियता उन्हें भाजपा के लिए सबसे भरोसेमंद और जमीनी विकल्प बनाती है।
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