- कलाएं मन को परिष्कृत कर चेतना व संस्कार भरती हैं- डाॅ. चंद्रलता
अशोक वर्मा
मोतिहारी : शहर के एमकेडी पब्लिक स्कूल में शनिवार को दो खंडों में कला प्रतियोगिता आयोजित हुई, जिसमें वर्ग एक से पांच तक के छात्रों ने अपनी कक्षाओं को कला कृतियों से सजाया था, विभिन्न विषयों पर आधारित ये कला कृतियाॅ सामाजिक संदेश दे रही थीं। वहीं वर्ग छ: से दसवीं के छात्रों ने पर्यावरण, दहेज प्रथा, अनेकता में एकता, साम्प्रदायिक सद्भाव, रीति-रिवाज, पर्व- त्योहार सहित भारतीय दर्शन-संस्कृति को रेखांकित करती कलाकृतियाॅ उकेरीं। प्रतिभाशाली छात्रों ने अपने हुनर में पारंपरिक व माडर्न आर्ट की खूबसूरत झाॅकी प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया। अभिभावकों द्वारा बच्चों को कैरियर निर्माण को लेकर उनपर अनावश्यक दबाव दिए जाने से बच्चों पर पड़ते कुप्रभाव एवं इस समस्या से बच्चों को उबारने के लिए उन्हें मोटिवेट करती कलाकृतियाॅ उकेर छात्रों ने खूब वाह-वाही लूटी।
विधालय के प्राचार्य डाॅ. ए. एन. पाण्डेय ने बताया कि प्रतियोगिता में कक्षा 7 बी, प्रथम, कक्षा 8 सी व 5 ए द्वितीय एवं कक्षा 10 ए व 10 सी के छात्रों ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में अव्वल आए छात्रों को पुरस्कृत कर उन्हें प्रोत्साहित किया गया।
विधालय की निदेशक डाॅ. चंद्रलता झा ने विधालय प्रबंधन एवं प्राचार्य को इस तरह के सारगर्भित विषय को लेकर बेहद सफल प्रतियोगिता आयोजित करने पर धन्यवाद दिया। वहीं उन्होंने प्रतियोगिता में पर्यावरण, दहेजप्रथा, सामाजिक सद्भाव, भारतीय रीति-रिवाज- दर्शन एवं भारतीय संस्कृति पर आधारित कलाकृतियों के प्रदर्शन पर खुशी जाहिर की। डाॅ. चंद्रलता ने कहा कि कलाएँ मानव मन को परिष्कृत कर उनमें चेतना व संस्कार भरती हैं। उन्होंने कहा कि साहित्य व कलाओं ने सदैव सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार किया है तथा अपनी अभिव्यक्ति के माध्यम से समाज को नई दिशा दी है।
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