बिहार के मुजफ्फरपुर से एक बेहद ही हैरान करनेवाली खबर आई है. बताया जाता है कि एक हॉस्टल संचालिका ने दूसरी कक्षा में पढ़ने वाले एक बच्चे का अपहरण इसलिए कर लिया कि उसके हॉस्टल की फीस बकाया था. हॉस्टल संचालिका द्वारा फीस की वसूली के लिए फिरौती वसूलने का ये प्लान धरा का धरा रह गया और पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए आरोपी हॉस्टल संचालिका को गिरफ्तार कर लिया.
आपको बता दे कि यह घटना मुजफ्फरपुर के कांटी थाना इलाके की है. बताया जाता कि दामोदपुर में बाइक सवार दो बदमाशों ने दूसरी कक्षा के एक छात्र को अगवा कर लिया. इसके बाद अपहर्ताओं ने छात्र के पिता को फोन कर फिरौती की मांग की. घबराए पिता ने पूरी घटना की जानकारी कांटी थाना पुलिस को दी.
छात्र के अगवा होने की खबर मिलते ही पुलिस एक्शन में आ गयी और कांटी थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस की टीम ने छापेमारी कर गायघाट थाना इलाके से एक महिला को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार महिला की निशानदेही पर पुलिस ने काजी मोहम्मदपुर थाना इलाके के गणनीपुर के एक हॉस्टल में छापा मारा और हॉस्टल में रखे गये छात्र को सकुशल मुक्त करा लिया. इस दौरान पुलिस ने अपहरण में इस्तेमाल बाइक और एक मोबाइल फोन भी बरामद किया. हालांकि पुलिस की दबिश के दौरान अपहरण के दो आरोपी फरार होने में कामयाब रहे.
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार हॉस्टल संचालिका से पूछताछ के बाद ये पता चला है कि हॉस्टल के बकाये फीस की वसूली को लेकर हॉस्टल संचालिका ने कुछ लोगों के साथ मिलकर छात्र को अगवा करने की खौफनाक साजिश रची थी.
आपको बता दे कि प्रियांशु गन्नीपुर स्थित एक हॉस्टल में रहकर दूसरी कक्षा में पढ़ाई करता था। शुरुआत में उसके पिता ने फीस दी। इधर, परिवार की हालत कुछ ठीक नहीं थी। इस कारण वह फीस नहीं दे पा रहे थे। इसलिए हॉस्टल से नाम कटवाकर प्रियांशु को घर ले आए थे। बकाया रुपए को लेकर लगातार विवाद चल रहा था। प्रियांशु के पिता लक्ष्मी साह सब्जी बिक्रेता हैं। उनका कहना है कि 30 हजार रुपए बकाया था, जबकि गिरफ्तार हॉस्टल संचालिका युवती का कहना है 40 हजार रुपए बकाया था।
वही इस मामले में डीएसपी अभिषेक आनंद ने बताया कि बच्चे को अपने हॉस्टल के बकाए पैसे की वसूली को लेकर अपहरण की घटना को अंजाम दिया गया था. इस मामले में पुलिस ने हॉस्टल की संचालिका को गिरफ्तार कर लिया है. वही मामले में दो अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है.
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