शांति निकेतन एकेडमी के सभी शाखाओं में समर कैंप 2026 का हुआ सफल समापन

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– शांति निकेतन एकेडमी के सभी शाखाओं एपी कॉलोनी , कटारी हिल रोड और गोविंदपुरम, रौना (चाकंद) में 300 से अधिक छात्रों ने उठाया निशुल्क शिविर का लाभ

गया जी। शांति निकेतन एकेडमी, गया में बच्चों की रचनात्मकता, मानसिक क्षमता और जीवन कौशल को निखारने के लिए गत 3 जुलाई से 5 जुलाई, 2026 तक आयोजित विशेष तीन दिवसीय समर कैंप का सफल समापन हुआ । इस शिविर की सबसे खास बात यह रही कि यह पूरी तरह से निशुल्क था और तीनों दिन कैंप में 300 से अधिक छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। शिविर की शुरुआत प्रतिदिन बच्चों को ऊर्जावान और सजग बनाने वाले मजेदार खेलों जैसे ‘द गुड मॉर्निंग बॉल टॉस’, ‘द साउंड डिटेक्टिव’ और ‘द मिसिंग स्टूडेंट गेम’ के साथ हुई थी।

कैंप के दौरान स्कूल के बच्चों के भाषाई और बौद्धिक विकास पर विशेष ध्यान दिया गया, जिसके तहत अंग्रेजी टंग ट्विस्टर्स, स्पेलिंग बी प्रतियोगिता, सामान्य ज्ञान (GK) क्विज़ के साथ-साथ हिंदी व अंग्रेजी श्रुतलेख (डिक्टेशन) एवं हस्तलेखन (हैंडराइटिंग) सुधार सत्र आयोजित किए गए। इसके अलावा बच्चों को डिजिटल युग के लिए तैयार करने हेतु कंप्यूटर की विशेष कक्षाएं भी इस शिविर का मुख्य आकर्षण रहीं।

इस कैंप का एक बड़ा उद्देश्य बच्चों को खेल-खेल में विज्ञान और व्यावहारिक ज्ञान सिखाना था। इसके तहत शांतिनिकेतन एकेडमी के बच्चों ने ‘ऑयल एंड वॉटर सेपरेशन’ (तेल और पानी को अलग करना), ‘द ऑरेंज जैकेट’ प्रयोग और ‘जर्म एक्सपेरिमेंट’ (कीटाणु प्रयोग) के माध्यम से व्यावहारिक विज्ञान को करीब से समझा। साथ ही, बच्चों में टीम वर्क और शारीरिक फुर्ती बढ़ाने के लिए ‘कलेक्ट बॉल्स चैलेंज’, ‘ग्रैब कलर बॉल्स’ और रोमांचक ‘बुक रेस’ जैसे खेलों का आयोजन किया गया था। आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए ‘बिना आग के खाना बनाना’ (फायरलेस कुकिंग) सत्र भी रखा गया था, जिसमें बच्चों ने स्वास्थ्यवर्धक सत्तू ड्रिंक, झालमुड़ी और नींबू पानी जैसी चीजें बनाना सीखा।

इसके साथ ही, बच्चों में रचनात्मकता बढ़ाने के लिए ‘पेपर फैन मेकिंग’ व ‘बिट्स ऑफ पेपर’ जैसी आर्ट एंड क्राफ्ट गतिविधियां आयोजित की गईं। प्रतिदिन के भोजन अवकाश (लंच ब्रेक) के बाद, इस शिविर का समापन नियमित रूप से आयोजित होने वाले संगीत (म्यूजिक) और नृत्य (डांस) के शानदार सत्रों के साथ किया गया।

इस अवसर पर एकेडमी के चेयरमैन हरि प्रपन्न ने बताया कि बच्चों के सर्वांगीण (होलिस्टिक) विकास और उनमें नई ऊर्जा के संचार (कायाकल्प) के लिए ऐसी गतिविधियां बेहद आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ इस तरह के व्यावहारिक और मनोरंजक आयोजन बच्चों की मानसिक थकान को दूर कर उन्हें भविष्य के लिए और अधिक ऊर्जावान व बहुमुखी बनाते हैं।

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