प्रभारी मंत्री सह कृषि मंत्री ने बाढ एवं सुखाड़ की समिक्षा क्या और कहा कि पदाधिकारी प्रत्येक सप्ताह औचक रूप से जन वितरण प्रणाली के दुकानों का जांच करें

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गया। मंत्री कृषि विभाग सह प्रभारी मंत्री गया ज़िला विजय कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में गया ज़िले में संभावित बाढ़,सुखाड़ की तैयारी एवं ज़िला स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक समाहरणालय सभागार में की गई।

ज़िला पदाधिकारी गया श्री शशांक शुभंकर ने बताया कि 01 जनवरी 2026 से 02 जून 2026 तक 79.80mm वर्षा हुई है। शेरघाटी, नगर एवं मानपुर में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई है। गुरारू, कोच एवं बेला में सबसे कम वर्षा दर्ज की गयी है।

संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ के दृष्टिकोण से सामग्रियों का दर निर्धारण कर ली गई है। जिले में पर्याप्त संख्या में पॉलिथीन सीट उपलब्ध है। बाढ़ की स्थिति होने पर अभी से ही सामुदायिक रसोई एवं राहत शिविर के लिए स्थल चिन्हित कर लिए गए हैं ताकि कोई रिस्पांस दिया जा सके।

भीषण गर्मी को देखते हुए गया जिले में हीट वेव से बचाव की सभी आवश्यक तैयारियां के अनुरूप लोगों को राहत दिए जा रहे हैं। जिले में 670 की संख्या में पियाऊ लगाए गए हैं इसके अलावा 91 टैंकर के माध्यम से लोगों को पानी आपूर्ति की जा रही है। नगर निगम क्षेत्र में कुल 734 चापाकल कार्यरत है, 384 स्टैंड पोस्ट, 126 प्याऊ एवं 32 टैंकर के माध्यम से लोगों को पानी दी जा रही है।

गया जिले में औसतन जलस्तर 37.54 फिट है। पिछले वर्ष 35.30 फिट जलस्तर था। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग गया द्वारा 2252 चापाकलों को मरम्मत किया गया है। 159 नए चापाकल लगाये गए हैं। इसके अलावा लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग शेरघाटी द्वारा 1740 चापाकल को मरम्मत किए गए हैं।

जिला पदाधिकारी ने बताया कि प्रत्येक 15 दोनों पर नल जल योजनाओं के भौतिक जांच करवाया जा रहा है। जो योजनाएं जांच के दौरान बंद पाई जाती है उसे तुरंत ठीक करवाने का भी कार्य किया जा रहा है। जिले में कुल वार्ड 4379 है, कुल पंचायत की संख्या 320 है, कुल जांच 2134 हुए हैं जिसमें 1745 योजना चालू पाई गई है, 389 योजना को युद्ध स्तर पर ठीक कराया जा रहा है।

हीट वेव से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार काम किया जा रहे हैं। अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल अस्पताल में 100 बेड, जयप्रकाश नारायण अस्पताल में 7 बेड एवं सभी प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 86 बेड सुरक्षित रखे गए हैं। सभी अस्पतालों में हीट वेव के वार्ड में एयर कंडीशन की व्यवस्था रखी गई है, 13077 की संख्या में आइस पैक की व्यवस्था रखी गई है, सभी संस्थान में आइस फैक्ट्री से टाई अप रखा गया है, 46 संस्थान में डीप फ्रीजर संचालित रखी गई है।

जिले में कुत्ता काटने की दवा एवं सांप काटने की दवा पर्याप्त संख्या में उपलब्ध है। पशु चारा का दर निर्धारण कर ली गई है। पशु दवा के पर्याप्त उपलब्धता है। जिले में 33 प्रकार की पशु दवा उपलब्ध है। सभी प्रखंडों में मोबाइल वेटरनरी वाहन चलाए जा रहा है, 22 कैटल ट्रफ कार्यरत है।

सिंचाई हेतु नहर के अंतिम छोर तक जल की उपलब्धता के संबंध में बताया कि कुल लक्ष्य 44722 हेक्टेयर के विरुद्ध 44601 हेक्टेयर सिंचाई प्राप्त किया जा रहा है। लघु जल संसाधन पदाधिकारी ने बताया कि राजकीय नलकूप 147 के विरुद्ध 124 चालू है तथा 23 राजकीय नल को बंद है जिस तेजी से चालू करवाया जा रहा है।

ज़िला स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक में माननीय प्रभारी मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए हैं कि जो भी अस्पताल जर्जर स्थिति में है उसे तेजी से ठीक करवाये। जिले में जितने भी प्राइवेट एएनएम एवं जीएनएम संस्थान है उसकी सूची समेकित करते हुए उपलब्ध करवाये एवं उन सभी संस्थान पर लगातार निगरानी भी रखें। जिले के दुरुस्त ग्रामीण क्षेत्र एवं जीटी रोड पर जितने भी प्राइवेट नर्सिंग होम है उनकी भी नियमित जांच करवाये। मरीजों को किसी भी हाल में उपचार में कोई कोताही नहीं हो, मरीज का नियमित एवं सुरक्षित इलाज हो, इसे सुनिश्चित करवाये।

उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में स्वास्थ्य क्षेत्र में काफी सुधार हुए हैं आगे भी और बेहतर सुधार की आवश्यकता है। सभी अस्पतालों में डॉक्टर पैरामेडिकल स्टाफ इत्यादि की शतप्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करवाये। उन्होंने मगध मेडिकल अस्पताल के इंटरनल सड़क को दुरुस्त करवाने हेतु जिला पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है।

प्रभारी मंत्री ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। जिले के सभी किसानों को फार्मर रजिस्ट्री से हर हाल में जोड़े ताकि उन्हें जितने भी योजनाओं का लाभ है पूरी पारदर्शिता के साथ मिल सके। कोई भी किसान लाभ से वंचित नहीं रहे इसे सुनिश्चित करवाये। जिले में 339000 की संख्या में प्रधानमंत्री किसान निधि से जुड़े हुए हैं, इसके अलावा अन्य अनेकों किसान है जिन्हें फार्मर रजिस्ट्री से जोड़ा जाना है।

बाल विकास परियोजना के समीक्षा में उन्होंने कहां है कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का भौतिक जांच प्रत्येक माह करवाया जाए साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को दी जाने वाली जो भी व्यवस्थाएं हैं उसे अच्छे से पालन करवाये, जो आंगनवाड़ी केंद्र बंद रहते हैं, क्यों बंद रहते हैं इसकी जांच कराते हुए कार्रवाई करें। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि जिला प्रोग्राम पदाधिकारी एवं सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी अपना मोबाइल नंबर सभी आंगनबाड़ी केदो पर हर हाल में प्रदर्शित करवाये ।

अगले एक महीना के अंदर सभी आंगनबाड़ी केंद्र पूरी व्यवस्थित रूप से संचालित हो, इसे सुनिश्चित करवाये। राजस्व विभाग की समीक्षा में निर्देश दिए हैं कि जिले में कहीं भी जमीन विवाद नहीं हो इसे हर हाल में सुनिश्चित करें। जहां कहीं भी जमीन विवाद है, उसकी समीक्षा कर समाप्त करवाए।

*आपूर्ति विभाग के समीक्षा* में निर्देश दिए हैं कि सभी लाभुकों को निर्धारित मात्रा में अनाज मिले, इसे जरूर जांच करें। सभी अनुमंडल पदाधिकारी प्रत्येक सप्ताह औचक रूप से जन वितरण प्रणाली दुकानों का जांच करें। सभी जन वितरण प्रणाली दुकानों पर कितना मात्रा में चावल कितना मात्रा में गेहूं दिया जाना है, इसे प्रदर्शित करवाये।

वन विभाग की समीक्षा में बताया गया कि जिले में 16% वन क्षेत्र है, जो काफी सकारात्मक संकेत है। इस वर्ष 25 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित रखी गई है। पिछले वर्ष जितने भी पौधे लगाए गए हैं 95% पौधे को संरक्षित रखा गया है। इस वर्ष पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधियों को भी प्रशिक्षण देकर पब्लिक अवेयरनेस प्रोग्राम लगातार दिया जा रहा है। प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिया है कि किन विभाग द्वारा किन स्थान पर कितनी संख्या में पौधे लगाएंगे इसकी सूची हर हाल में समेकित कर उपलब्ध करवाए ताकि सत प्रतिशत पौधा संरक्षित रखा जा सके।

उन्होंने कहा कि पहाड़ों पर नदी के किनारे सड़कों के किनारे व्यापक पैमाने पर पौधे लगाए। इस बैठक में अध्यक्ष बिहार विधानसभा डॉ० प्रेम कुमार, सभी विधानसभा के विधायक गण, विधान परिषद के सदस्य गण, ज़िला पदाधिकारी गया, वरीय पुलिस अधीक्षक, नगर आयुक्त, ज़िला वन पदाधिकारी, उप विकास आयुक्त, ज़िला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के सभी सदस्य गण, सभी विभागों के पदाधिकारी गण उपस्थित थे।

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