जिलाधिकारी ने किया जिले में 1 जुलाई से राज्य के डिग्री कॉलेज रहित 211 प्रखंडों में डिग्री की पढ़ाई शुरू की समीक्षा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से

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गया। राज्य सरकार के आदेश के आलोक में गया जिला में 1 जुलाई से डिग्री कॉलेज रहित 7 प्रखंडों- अतरी, नीमचक बथानी, कोच, मोहड़ा, बाकेबजार, डुमरिया एवं मोहनपुर में उत्सवी माहौल में डिग्री की पढ़ाई शुरू होगी। जिलाधिकारी, गया शशांक शुभंकर द्वारा आज सभी संबंधित अनुमंडलों के अनुमंडल पदाधिकारियों, मगध विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर, नव-नियुक्त प्राचार्यों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों, भवन, विद्युत, पीएचईडी, एलएईओ सहित विभिन्न तकनीकी विभागों के कार्यपालक अभियंताओं, सभी 7 प्रखंड विकास पदाधिकारियों, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों एवं अन्य के साथ इसकी तैयारियों की वृहत समीक्षा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गई तथा पदाधिकारियों को सरकार के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करते हुए आपस में समन्वय स्थापित कर विद्यार्थियों की शैक्षणिक आवश्यकता के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण ढंग से सुदृढ़ व्यवस्था करने का निदेश दिया गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार के सात निश्चय-3 कार्यक्रम के चौथे निश्चय ‘‘उन्नत शिक्षा-उज्जवल भविष्य’’ के तहत उच्च शिक्षा के लिए छात्र-छात्राओं को उत्कृष्ट सुविधा उपलब्ध कराने हेतु सतत प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में 1 जुलाई से राज्य के डिग्री कॉलेज रहित 211 प्रखंडों में डिग्री की पढ़ाई शुरू की जा रही है। इसमें गया जिला के उपर्युक्त 7 प्रखंड भी शामिल है। आज इसकी तैयारियों की समीक्षा की गई है। पूरे भव्य, उत्साह एवं उत्सवी माहौल में 1 जुलाई से पढ़ाई शुरू की जाएगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि वर्तमान में इन डिग्री कॉलेजों के संचालन हेतु अस्थायी तौर पर भवनों का चयन किया गया है। इन भवनों में सभी आधारभूत सुविधाएँ उपलब्ध रहेंगी। इसके लिए आज संबंधित पदाधिकारी के साथ विस्तार से समीक्षा की गई है। ज़िला स्तरीय अपर समाहर्ता गण की अध्यक्षता में हर डिग्री कॉलेज के लिये कमिटी बनाया गया है, इसके साथ ही सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को संबंधित प्राचार्यों एवं शिक्षा विभाग के जिला में पदस्थापित पदाधिकारियों के साथ भवनों का स्वयं निरीक्षण करने का निदेश दिया गया है।

जिलाधिकारी ने कहा कि इन डिग्री कॉलेजों के सुचारू रूप से संचालन हेतु सभी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। पदाधिकारियों को विद्यार्थियों की शैक्षणिक आवश्यकता के अनुरूप फर्नीचर,उपस्कर, कम्प्यूटर, वाईफाई, अस्थायी संचालन हेतु चयनित भवनों की मरम्मति, रंग-रोगन, शुद्ध पेयजल, वाटर कूलर, आरओ, महिला एवं पुरूष के लिए अलग शौचालय, बिजली, प्रकाश, पंखा, कूलर, एसी, स्टेशनरी आइटम्स, कॉलेज आने के रास्ते को सुगम रखना, परिसर की सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई सहित अन्य सभी प्रबंध वित्तीय नियमों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करते हुए करने का निदेश दिया गया है।

उन्होंने कहा कि कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता है। पदाधिकारीगण इसे सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि इन डिग्री कॉलेज के स्थायी भवनों हेतु जिला प्रशासन द्वारा समयबद्ध ढंग से काम किया जा रहा है। सरकार के निदेश के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में न्यूनतम 5 एकड़ तथा नगर क्षेत्रों में न्यूनतम 2.5 एकड़ जमीन खोजने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।

जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सम्पूर्ण प्रशासनिक तंत्र सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध है। इस बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता आपदा, अपर समाहर्ता राजस्व, अपर समाहर्ता विधि व्यवस्था, अपर समाहर्ता विभागीय जांच, ज़िला शिक्षा पदाधिकारी, सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

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