ब्रिटिश इंग्लिश स्कूल ने रचा इतिहास, जेईई एडवांस 26 के ऑल इंडिया टॉपर शुभम कुमार समेत 18 छात्रों ने लहराया सफलता का परचम

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गया। शिक्षा के क्षेत्र में गया जिले के लिए मंगलवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। जेईई एडवांस 2026 में ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल कर पूरे देश में बिहार का नाम रोशन करने वाले शुभम कुमार के सम्मान में गया शहर के बिसार तालाब स्थित ब्रिटिश इंग्लिश स्कूल में भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में जेईई एडवांस परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले 18 मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि ने न केवल विद्यालय बल्कि पूरे गया जिले को गौरवान्वित किया है।

कार्यक्रम के दौरान ऑल इंडिया टॉपर शुभम कुमार के अलावा आयुष कुमार (रैंक 5140), समीर राज (रैंक 737), सचिन प्रकाश (रैंक 1602), विनय कुमार (रैंक 2011), मुकेश कुमार (रैंक 2775) सहित अन्य सफल छात्रों को मंच पर सम्मानित किया गया। छात्रों की सफलता पर विद्यालय परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने इस उपलब्धि को शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल बताया। विद्यालय के निदेशक भीमराज प्रसाद ने कहा कि यह सफलता किसी एक दिन की नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन, समर्पण और सही मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों से विद्यालय में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर विशेष शैक्षणिक माहौल तैयार किया गया है, जिसका परिणाम अब राष्ट्रीय स्तर पर दिखाई दे रहा है।

विद्यालय के निदेशक भीमराज प्रसाद ने शुभम कुमार की सफलता की कहानी साझा करते हुए बताया कि जब शुभम नौवीं कक्षा में था, तब वह विद्यालय के सुपर-30 कार्यक्रम को दर्शक के रूप में देखा करता था। उसी दौरान उसकी बहन श्रेया कुमारी ने विद्यालय में नामांकन लिया था। श्रेया ने यहां दो वर्षों तक पढ़ाई करने के बाद आईआईटी में सफलता हासिल की। बहन की उपलब्धि से प्रेरित होकर शुभम ने भी इसी संस्थान में प्रवेश लिया और अपनी मेहनत के बल पर देशभर में पहला स्थान हासिल कर लिया

विद्यालय के निदेशक भीमराज प्रसाद ने बताया कि शुभम शुरू से ही एक असाधारण छात्र था। उसकी पढ़ाई के प्रति लगन, जिज्ञासा और कठिन परिश्रम ने उसे अन्य छात्रों से अलग पहचान दिलाई। विद्यालय के शिक्षकों ने उसकी क्षमता को पहचानते हुए उसे विशेष मार्गदर्शन और अतिरिक्त समय दिया। यही कारण है कि उसने जेईई एडवांस जैसी देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में इतिहास रचते हुए ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल की। उन्होंने कहा कि विद्यालय से इस वर्ष कुल 46 छात्रों ने जेईई एडवांस परीक्षा दी थी, जिनमें से 18 छात्रों ने सफलता प्राप्त की है। यह सफलता दर्शाती है कि यदि छात्रों को सही दिशा, बेहतर संसाधन और समर्पित शिक्षक मिलें तो किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

विद्यालय के छात्र लगातार आईआईटी, नीट और अन्य राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। समारोह के दौरान सफल छात्रों ने भी अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और विद्यालय के सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण को दिया। छात्रों ने कहा कि यहां उन्हें सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि लक्ष्य निर्धारित करने और उसे हासिल करने की प्रेरणा भी मिली। नियमित टेस्ट, व्यक्तिगत मार्गदर्शन और अनुशासित दिनचर्या ने उनकी तैयारी को मजबूत बनाया।

विद्यालय के निदेशक भीमराज प्रसाद ने घोषणा की कि इस वर्ष से कक्षा 8 और 9 के विद्यार्थियों के लिए सुपर-30 कार्यक्रम की शुरुआत की जाएगी। जुलाई माह से शुरू होने वाले इस विशेष कार्यक्रम के तहत चयनित छात्रों को छात्रवृत्ति के माध्यम से रहने, खाने और पढ़ाई की पूरी सुविधा पांच वर्षों तक निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। इसका उद्देश्य ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के प्रतिभाशाली छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना है।

निदेशक भीमराज ने कहा कि अब वह समय आ गया है जब गया के छात्र देश के बड़े शैक्षणिक संस्थानों को चुनौती देने की क्षमता रखते हैं। विद्यालय का लक्ष्य केवल परीक्षा में सफलता दिलाना नहीं, बल्कि ऐसे युवा तैयार करना है जो देश और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। जेईई एडवांस 2026 के परिणामों ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर की मोहताज नहीं होती। यदि सही मंच और मार्गदर्शन मिले तो गया जैसे शहर से भी देश का नंबर-1 छात्र निकल सकता है। ब्रिटिश इंग्लिश स्कूल की यह उपलब्धि आने वाले वर्षों में हजारों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और बिहार की शैक्षणिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।

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