विग ब्रेकिंग : फरार रहने वाले शिक्षकों की खैर नहीं, ई-शिक्षाकोश की ‘तीसरी आँख’ से नहीं बच पाए MJK के शिक्षक लालबाबू साह, पटना और समस्तीपुर में रहकर बनाते रहें हैं हाजिरी, डीईओ ने लिया संज्ञान, वेतन रोक हाथों-हाथ मांगा जवाब

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Live News 24×7 के लिए कैलाश गुप्ता की रिपोर्ट।

मोतिहारी। गाँव-गंवाई में कहा जाता है कि बकरी की नानी कब-तक खैर मनाएगी। यहीं कहावत चरितार्थ करती है पूर्वी चंपारण के जिला शिक्षा पदाधिकारी राजन कुमार गिरी द्वारा फरार व मनमानी करने वाले शिक्षकों के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई।

सरकार के तीसरी आँख कहे जाने वाली डिजिटल सिस्टम ‘ई-शिक्षकोश’ (e-Shikshakosh) ने एक ऐसा खेल पकड़ा है जिसने शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा दिया है।

जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री गिरी की पैनी नजर अब ऐसे शिक्षकों पर पड़ने लगी है जो विद्यालय से फ़रार रहकर कहीं और जगहों से अपनी उपस्थिति ई शिक्षा कोष के माध्यम से बना रहे है। इसको लेकर कहा जा रहा है कि अब ऐसे शिक्षकों खैर नही है।

ताजा मामला पूर्वी चंपारण जिले की एक मात्र कन्याओं की आदर्श विद्यालय कही जानेवाली एम.जे.के. कन्या +2 उच्च विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य लाल बाबू साह की है जो इस ‘तीसरी आँख’ की ज़द में आ गए हैं। वैसे तो इनकी कई कारस्तानियां है जिसके कारण ये वर्षों से चर्चा में रहते रहें है। अब ये जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री गिरी की कार्रवाई के जद में आ चुके है।

गौरतलब हो कि जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री गिरी द्वारा जारी पत्र पत्रांक 1189 दिनांक 29/05/26 के अनुसार श्री साह द्वारा बार बार विद्यालय से सैकड़ों किलोमीटर दूर बैठकर अवैध रूप से ई- शिक्षा कोष पर हाजिरी बनाने का मामला प्रकाश में आया है जो बहुत ही गंभीर मामला है।

पत्र के अनुसार समीक्षा के दौरानजब ई-शिक्षकोश पोर्टल की समीक्षा की गई तो तकनीकी डेटा ने प्रभारी प्राचार्य श्री साह की ‘कारस्तानी’ को पूरी तरह बेनकाब कर दिया। पाया गया है मोतिहारी से 118-120 किमी दूर पटना व समस्तीपुर में रहकर श्री साह द्वारा अपनी उपस्थिति दर्ज की गई है।

पटना से हाजिरी : मोतिहारी के विद्यालय से लगभग 120 किलोमीटर दूर राजेंद्र नगर (पटना) और NIFT (पटना) में मौजूद थे, लेकिन सिस्टम में उनकी उपस्थिति दर्ज हो रही थी।

समस्तीपुर से हाजिरी : मोतिहारी से लगभग 118 किलोमीटर दूर महमदपुर (समस्तीपुर-दरभंगा रोड) और बौरिया, फतुआ-बख्तियारपुर रोड से भी उपस्थिति दर्ज पाई गई।

लगातार अनुपस्थिति : वर्ष 2025 से लेकर अप्रैल 2026 के बीच दर्जनों ऐसी तारीखें (जैसे 20.02.2026, 26.02.2026, 19.03.2026 आदि) सामने आई हैं, जब वे स्कूल से गायब रहें है या मीलों दूर बैठकर ऑनलाइन अटेंडेंस बनाते रहे हैं।

बाहर से दर्ज की गई उपस्थिति :

डेटा के अनुसार 28.06.2025 राजेन्द्र नगर, पटना लगभग 120 कि०मी० उपस्थिति दर्ज।
30.06.2025 राजेन्द्र नगर, पटना लगभग 120 कि०मी० उपस्थिति दर्ज।
07.07.2025 NIFT, पटना 120 कि०मी० उपस्थिति दर्ज।
01.08.2025 राजेन्द्र नगर, पटना लगभग 120 कि०मी० उपस्थिति दर्ज।
02.08.2025 राजेन्द्र नगर, पटना लगभग 120 कि०मी० उपस्थिति दर्ज।
11.08.2025 राजेन्द्र नगर, पटना लगभग 120 कि०मी० उपस्थिति दर्ज।
26.03.2026 विद्यालय से दूर (स्थान स्पष्ट नहीं) 08 कि०मी० उपस्थिति दर्ज
18.05.2026 बैरीया, फतुआ-बख्तियारपुर रोड, जिला-पटना 113 कि०मी० उपस्थिति दर्ज।
20.05.2026 महमदपुर, समस्तीपुर-दरभंगा रोड, जिला-समस्तीपुर 118 कि०मी० उपस्थिति दर्ज।

विद्यालय से अनुपस्थित रहने का डेटा के अनुसार :

पत्र के अनुसार वर्ष-2026 में निम्नलिखित तिथियों को विद्यालय में अनुपस्थित पाया गया है:
20.02.2026 (अनुपस्थित)
26.02.2026 (अनुपस्थित)
19.03.2026 (अनुपस्थित)
20.03.2026 (अनुपस्थित)
30.03.2026 (अनुपस्थित)
20.04.2026 (अनुपस्थित)

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने इस मामले को अत्यंत गंभीर माना है। पत्र में साफ तौर पर कहा गया है कि प्रभारी प्राचार्य लालबाबू साह का यह कृत्य शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 के प्रावधानों के पूरी तरह विपरीत है। इनके कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही, मनमानी और स्वेच्छाचारिता को दर्शाता है, वहीं विभागीय निर्देशों की खुली अवहेलना और छात्रों के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ है।

इस बड़ी धोखाधड़ी के सामने आने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी, पूर्वी चम्पारण श्री गिरी ने कड़ा रुख अपनाते हुए एक आदेश जारी किया है जिसमें “तत्काल प्रभाव से कहा गया है कि प्रभारी प्राचार्य लालबाबू साह का वेतन अगले आदेश तक स्थगित किया जाता है। इसके साथ ही उन्हें 24 घंटे के अंदर साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण अधोहस्ताक्षरी कार्यालय में हाथों-हाथ समर्पित करने का निर्देश भी दिया गया है। कहा गया है कि ससमय और संतोषजनक जवाब और साक्ष्य नहीं मिलने पर अनुशासनिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी जाएगी।

कौन हैं लालबाबू साह और क्या है इनकी कारस्तानियां :

लालबाबू साह वर्तमान में पूर्वी चंपारण के जिला मुख्यालय मोतिहारी शहर के बीचोबीच कन्याओं की एकमात्र आदर्श विद्यालय महारानी जनकी कुँवर उच्च माध्यमिक विद्यालय है जिसके ये वर्षों से प्रभारी प्राचार्य के पद पर कार्यरत है। इनकी नियुक्ति नगर उच्य माध्यमिक शिक्षक के रूप में वर्ष 2006 में हुआ था परन्तु आज ये एक विशिष्ट शिक्षक के रूप में कार्यरत है और इस विद्यालय के प्रबंधन समिति का जिलाधिकारी पदेन अध्यक्ष है।

विवादों व मनमानी से इनका पुराना नाता है :

इनके विरुद्ध उक्त विद्यालय के ही एक शिक्षक राकेश कुमार (वर्तमान कार्यरत पटना) के द्वारा केंद्राधीक्षक के रूप में मनमानी करने, कनीय होते हुए प्रभारी बनने आदि के विरुद्ध लगाए गए आरोप के आलोक में जिलाधिकारी व जिला शिक्षा पदाधिकारी के स्तर से किये गए जांच में आरोपित रहें है वहीं इनके व श्री राकेश के बीच उत्पन्न विवादों के कारण विद्यालय को सुरक्षित व समुचित संचालन के मद्देनजर इन दोनों का स्थानांतरण अलग अलग विद्यालयों में करने का स्पष्ट अनुशंसा किया गया है।

वहीं हाल ही में शिक्षक राकेश कुमार के द्वारा ही वित्तिय अनियमितता आदि की दी गई शिकायत पत्र के आलोक में जिला शिक्षा पदाधिकारी राजन कुमार गिरी के स्तर से भी जांच कराए गए है जिसमें दो सदस्यीय जांच कमिटी द्वारा दिये गए जांच प्रतिवेदन में वित्तिय अनियमितता, मनमानी व अधिकारियों को गुमराह करने की बात स्पष्ट रूप से सामने आया है।

क्या है शिकायत :

शिकायत में पत्र में बिना आदेश सात प्री-फैब और परिसर में पीछे से दरवाजा का निर्माण कराया गया है। शिकायत पत्र के अनुसार जांच अधिकारी को इनके द्वारा बताया गया है कि विद्यालय परिसर में छ: अतिरिक्त वर्ग कक्ष (प्री-फैब) का निर्माण जिलाधिकारी के आदेशानुसार कराया गया है जबकि परिसर में कुल सात अतिरिक्त वर्ग कक्ष निर्मित है। जिस आदेश पत्र को जिलाधिकारी का आदेश पत्र बताया गया है वह पत्र इनके स्वयं के द्वारा विद्यालय के पैड पर लिखित प्रस्तुत किया गया है।

वहीं कहा गया है कि प्रबंधन समिति के निर्णयानुसार विद्यालय में पीछे से द्वार का निर्माण कराया गया है जबकि प्रबंधन समिति का आदेश या अनुमोदन प्रस्तुत नही किया गया है।

वहीं बताया जाता है कि उक्त जांच प्रतिवेदन के आलोक में प्रभारी प्राचार्य श्री साह के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई अभी होनी ही है कि अब इनकी नई कारस्तानी सामने आ गई।

बहराल एक तरफ श्री साह के नौकरी का भविष्य खतरे में नजर आ रहा है तो वहीं विद्यालय से फरार रहकर बाहर से ई शिक्षा कोष पर उपस्थित दर्ज करने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।

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