अनशन करने पर शिक्षक नेता सुनील राय पर कार्रवाई शुरू, डीईओ ने खंगाल लिया इनकी ई-शिक्षा कोष की हाजिरी, एचएम को भी देना होगा जबाब

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Live News 24×7 के लिए मोतिहारी से कैलाश गुप्ता।

नेताजी चले थे जिला शिक्षा पदाधिकारी व  कार्यालय की कार्यशैली सुधारने…

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने इन्हें ही सुधार दिया…..

वेतन हुई बंद, हो सकते है निलंबित…..

मोतिहारी। नेताजी की मांग तो जायज थी ही परन्तु नेताजी अपनी नेतागिरी चमकाने के चक्कर में यह भूल गए थे कि इनके अंदर भी कई गलतियां है जो इनकी नौकरी भी ले सकती है। यह स्पष्ट हैं कि आप यदि एक अंगुली सामने वाले पर उठा रहें है तो चार अंगुलियां आपके अपने तरफ ही रहती है। किसी दूसरे पर अंगुली उठाने से पहले यह देख लेना चाहिए कि हम स्वयं सही हैं या नही।

मामला जिला शिक्षा पदाधिकारी पूर्वी चम्पारण राजन कुमार गिरी व उनके कार्यालय में फैली अराजकता- भ्रष्टाचार और कार्यालयीय कार्यों को शिक्षकों से कराने के विरुद्ध शिक्षकों के हित में शिक्षक नेता सुनील कुमार राय द्वारा पूर्व से घोषित आमरण अनशन संबंधित है।

आमरण अनशन कार्यक्रम बहुत ही ताम-झाम से दर्जनों शिक्षकों के साथ गत 6 अप्रैल को लगभग दो बजे से शिक्षक नेता सुनील कुमार राय के द्वारा शुरू किया गया जो दूसरे ही शाम में बिना शर्त समाप्त हो गई।

जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री गिरी या इनके कार्यालय की कार्यशैली में कोई बदलाव तो नही हुआ परन्तु अब अनशनकारी नेता श्री राय पर भारी पड़ने लगी है। जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री गिरी ने श्री राय का वेतन तत्काल प्रभाव से बंद करते हुए एक पत्र देकर साक्ष्य सहित 24 घण्टे में स्पष्टीकरण की मांग किया है।

श्री राय को संबोधित पत्र में यह कहा गया है कि आपके द्वारा माह जनवरी 26 में कुल 3 दिन, माह फरवरी में कुल 16 दिन, माह मार्च में कुल 9 दिन एवं माह अप्रैल में कुल दिन उपस्थिति दर्ज नहीं किया गया है एवं अधिकांश मार्क आउट भी नही किया गया है साथ ही फोटो से उपस्थिति दर्ज की गई है।

उक्त वर्णित स्थिति में आपके द्वारा शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के प्रावधानों के विपरीत एवं कर्तव्यों के प्रति लापरवाही, स्वेच्छाचारिता, छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने के साथ साथ विभागीय निदेशों की अवहेलना किया जा रहा है।

उक्त वर्णित स्थिति में निदेश दिया जाता है कि 24 घण्टे के अंदर साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण समर्पित करें। ससमय स्पष्टीकरण समर्पित नही करने की स्थिति में निलंबन की करवाई करते हुए आपके द्वारा वेतन मद में ली गई राशि की वसूली की जाएगी तथा तत्काल आपका वेतन अगले आदेश तक स्थगित किया जाता है।

वहीं पत्र को विद्यालय प्रधान को भेजते हुए कहा गया है यह स्पष्ट करें कि किस परिस्थिति में आपके द्वारा उक्त शिक्षक का अनुपस्थिति विवरणी हस्ताक्षर कर अग्रेतर कार्रवाई समर्पित किया गया है।

वहीं कार्यालय सूत्रों से मिली सूचनानुसार श्री राय के सहयोगी शिक्षकों को भी कार्रवाई की दंश झेलनी पड़ सकती है।
बहरहाल शिक्षा नेता सुनील कुमार राय के कारण जहां इनके सहयोगियों पर कार्रवाई की तलवार लटकती नजर आ रही है वहीं इनके विद्यालय प्रधान को भी जबाब देना पड़ेगा।

गौरतलब हो कि बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ जिला इकाई पूर्वी चम्पारण के जिलाध्यक्ष सुनील कुमार राय के द्वारा शिक्षकों के हित की मांग को लेकर आमरण अनशन 6 अप्रैल 26 को दोपहर लगभग 2 बजे से प्रारंभ किया गया जिसे दूसरे दिन सन्ध्या में समाप्त कर दिया गया।

श्री राय ने बताया गया था कि पूर्व में ही गत दिनांक 28 मार्च को अनुमंडल पदाधिकारी मोतिहारी सदर को मांग पत्र देकर अग्रेत्तर कार्रवाई हेतु अनुरोध किया था, जिसके आलोक में अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा जिला शिक्षा पदाधिकारी से दो दिनों के अंदर रिपोर्ट मांगा गया था परंतु आमरण अनशन प्रारंभ करने के पूर्व तक जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा रिपोर्ट नही भेजा गया तथा जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा किसी प्रकार का संज्ञान भी नहीं लिया गया था।

श्री राय ने मांग पत्र में कहा था कि जिले के विभिन्न कोटि के शिक्षकों के बकाया ARREAR के भुगतान के लिए ACS SIR ने बार बार चेतावनी देते हुए 12/12/25 तक अंतिम रूप से भुगतान कर देने का समय दिया गया परंतु उनके आदेश को धत्ता बताते हुए वसूली के कारण आज तक विभिन्न प्रकार के ARREAR भुगतान नहीं हुआ।

अन्य जिलों में शिक्षकों का भुगतान मात्र दो दिनों में संपन्न हो जाता है, परंतु यहां कभी HRMS या बिल फंस जाने का हवाला देकर बहाना बनाकर देरी किया जाता है। जबकि नजराना 2000 से 5000 रुपया तक किरानी को पहुंचा दिया जाता तो उसी दिन शाम तक वैसे शिक्षकों का भुगतान कर दिया जाता है।

उन्होंने यह भी बताया था कि मेरी मांग जिले के तमाम उन शिक्षकों के लिए है जो शिक्षक अपने कार्यों के लिए कार्यालय का चक्कर लगाते है और दलालों के शिकार बनते है।

श्री राय द्वारा सर्मपित मांग पत्र में मुख्य रूप से नियोजित शिक्षकों को 12 वर्षों की सेवा पर कालबद्ध प्रोन्नति।

स्नातक योग्यताधारी बेसिक ग्रेड शिक्षक को 8 वर्ष की सेवा पर स्नातक ग्रेड में प्रोन्नति एवं स्नातक ग्रेड शिक्षक में 5 वषों की सेवा पर मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक पद पर प्रोन्नति का लाभ।

एरियर के नाम पर शिक्षकों को परेशान करने पर अविलंब रोक लगे।

जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार।

शिक्षकों के हर कार्य करने में अधिकारी से किरानी तक अवैध राशि उगाही करना।

विशिष्ट शिक्षकों, विद्यालय अध्यापकों का अविलंब फिक्सेशन किया जाय।

हेड टीचर का अविलंब फिक्सेशन के साथ वेतन भुगतान किया जाय।

जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय व प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कार्यालयों में प्रतिनियुक्त शिक्षकों का प्रतिनियोजन अविलंब रद्द किया जाय।

HRA का नगर निगम के द्वारा किया गया आवास भत्ता की स्वीकृति अविलंब किया जाय इत्यादि शामिल था।

वहीं कार्यालय सूत्रों के अनुसार श्री राय के द्वारा किये गए आमरण अनशन कार्यक्रम में सहयोगी के रूप में कई शिक्षक शामिल थे जिनकी पहचान की जा रही है।

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