मोतिहारी। अशोक वर्मा “पंचायती राज संस्थाओं में महिला सहभागिता: पूर्वी चम्पारण जिले का एक विशेषालनात्मक अध्ययन ” विषय पर शोध पत्र प्रस्तुत करने के उपलक्ष्य में समाज सेवी अजहर हुसैन अंसारी की बेटी फरहीन को डॉक्टर ऑफ फिलोसॉफी (Ph.D ) की उपाधि महात्मा गांधी केन्द्रीय विश्विद्यालय,मोतिहारी की तृतीय दीक्षांत समारोह में महात्मा गांधी प्रेक्षागृह,मोतिहारी में प्राप्त की।
विदित हो कि यह उक्त शोध पत्र गांधी एवं शांति अध्ययन विभाग,सामाजिक विज्ञान संकाय के सहायक आचार्य डॉo अभय विक्रम सिंह के सफल मार्ग दर्शन में प्रस्तुत किया गया था।
ज्ञातव्य हो कि बिहार में 2006 ईo में पंचायती राज लागु हुआ, जिसमें महिलाओं को 50 प्रतिशत का आरक्षण कोटिवार सभी पदों पर मिला। यह माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की एक महत्वपूर्ण निर्णय था कि महिलाओं को पंचायती राज के माध्यम से सशक्त किया जाए।
पंचायती राज संस्थाओं महिला सहभागिता को लेकर किए गए शोध कार्य से यह प्रकट होता है कि पंचायत राज व्यवस्था में मिले आरक्षण का प्रभाव 3% से 5% बढ़ा है,इसी प्रकार महिलाओं के प्रति शोषण वो हिंसा 6% से घटकर 3% हुआ है। पंचायती राज संस्थाओं में महिला सहभागिता बढ़ने से महिलाओं की स्थिति में 3% से 6% की बढ़ोतरी हुई है, महिलाओं की नेतृत्व करने की क्षमता में 1 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 5 प्रतिशत का इजाफा हुआ है,आम महिलाओं की दशा 0 प्रतिशत से बढ़कर 14 प्रतिशत हुआ है।
इन आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि पंचायती राज में महिलाओं का आरक्षण मिलने से वे महिलाएं राजनीतिक,सामाजिक,आर्थिक वो सांस्कृतिक रूप से सशक्त हो रही हैं।
फरहीन को डॉक्टरेट की डिग्री मिलने पर उसके पति फैयाज अहमद,पिता अजहर हुसैन अंसारी,माता महजबीन प्रवीण,ससुर एजाज़ अहमद, सासू मां नज़्मून नेशा,भाई इरफान अंसारी,समीर अंसारी, बहन फ़रहत प्रवीण,अधिवक्ता एवं अन्य हित चिंतकों में बसंत कुमार राय, पूर्व प्राचार्य मदन प्रसाद,पूर्व प्राचार्य शशिकला कुमारी, जिला स्काउट एवं गाइड, पूर्वी चम्पारण के मुख्य आयुक्त, रत्नेश्वरी शर्मा,,डॉo प्रमोद स्टीफेन, डॉo लीली स्टीफेन, डॉo पवन कुमार विकलांग संघ के सचिव सत्यनारायण प्रसाद गुप्ता, चितरंजन सिंह, शैलेन्द्र सिंह,श्री अमर,शशि कुमार, हामिद रजा, हसन इमाम,प्रोo जगदीश विद्रोही, अशोक कुमार वर्मा, विनोद कुमार सिंह अधिवक्ता, दिनेश्वर प्रसाद, अधिवक्ता एवं यमुना प्रसाद अधिवक्ताविजय शर्मा ने बधाईयां दी है। डॉक्टरेट की डिग्री कुलपति प्रोo संजय श्रीवास्तव के कर कमलों द्वारा प्रदान किया गया. इस अवसर पर विभागाध्य प्रोo सुनिल महावर भी उपस्थित थे।
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