राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और लालू परिवार से ‘निष्कासन’ का दंश झेल रहे तेज प्रताप यादव का एक ताजा वीडियो इंटरनेट पर चर्चा का विषय बना हुआ है। पिछले कुछ महीनों से अपने भाई तेजस्वी यादव और पार्टी नेतृत्व से नाराज चल रहे तेज प्रताप शनिवार (28 मार्च 2026) को अचानक 10 सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी आवास पहुंचे। मौका था उनकी भतीजी कात्यायनी के तीसरे जन्मदिन का, लेकिन सबका ध्यान खींच लिया उनके और छोटे भतीजे इराज के बीच की केमिस्ट्री ने।
सोशल मीडिया पर ‘बर्फ पिघलने’ के संकेत?
तेज प्रताप ने अपने फेसबुक और इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें वे जमीन पर बैठकर नन्हे इराज के साथ खिलौनों से खेलते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो की सबसे खास बात इसके बैकग्राउंड में बज रहे गाने हैं:
‘एनिमल’ का भावुक ट्रैक: रणबीर कपूर की फिल्म ‘एनिमल’ का गाना ‘पापा मेरी जान’ इस वीडियो को एक गहरा भावनात्मक स्पर्श दे रहा है।
‘सूर्यवंशम’ की यादें: इसके साथ ही अमिताभ बच्चन की क्लासिक फिल्म ‘सूर्यवंशम’ का वह मशहूर गाना भी बज रहा है जो पिता-पुत्र और परिवार के अटूट बंधन को दर्शाता है।
“भतीजा वो रिश्ता है, जहाँ बड़े पापा अपना बचपन जीते हैं”
तेज प्रताप ने वीडियो के कैप्शन में लिखा “बेटा पापा का गर्व होता है, और पापा बेटे की सबसे बड़ी ताकत। भतीजा वह रिश्ता है, जिसमें बड़े पापा अपना बचपन फिर से जीते हैं।” जानकार इसे केवल एक पारिवारिक मिलन नहीं, बल्कि तेजस्वी यादव और लालू प्रसाद यादव के प्रति नरम पड़ते रुख के रूप में देख रहे हैं। बता दें कि मई 2025 में एक कथित ‘विवाद’ के बाद लालू यादव ने तेज प्रताप को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था।
इराज: लालू परिवार का नन्हा ‘बजरंग बली’
आपको बता दें कि तेजस्वी यादव और राजश्री के बेटे इराज का जन्म 27 मई 2025 को हुआ था।
नाम का अर्थ: दादा लालू यादव ने खुद इसका नामकरण किया था। ‘इराज’ का अर्थ है ‘हनुमान’ या ‘पवन पुत्र’।
कात्यायनी का जन्मदिन: कल यानी 27 मार्च को तेजस्वी की बेटी कात्यायनी का तीसरा जन्मदिन था, जिसके उपलक्ष्य में राबड़ी आवास पर समर्थकों ने बड़े-बड़े पोस्टर भी लगाए थे।
सियासी गलियारों में सुगबुगाहट
क्या यह वीडियो तेज प्रताप की आरजेडी में वापसी का रास्ता साफ करेगा? 2025 के विधानसभा चुनाव में हार और अपनी नई पार्टी ‘जनशक्ति जनता दल’ के फ्लॉप शो के बाद, अब तेज प्रताप ‘TY Vlog’ के जरिए डिजिटल दुनिया में सक्रिय हैं। समर्थकों का मानना है कि परिवार में बढ़ती यह नजदीकियां आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में बड़ा उलटफेर कर सकती हैं।
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