Live News 24×7 के लिए कैलाश गुप्ता।
मोतिहारी। पूर्वी चम्पारण जिले के लगभग सभी विद्यालयों में खेल सामग्री क्रय करने में भारी पैमाने पर अनियमितता प्रकाश में आ रहा है। मार्च बीते डेढ़ माह हो गए परन्तु अभीतक विद्यालयों द्वारा क्रय की गई खेल सामग्री की उपयोगिता जमा नही किया गया। जिसको लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी राजन कुमार गिरी ने पत्र जारी कर तिथि निर्धारित कर दिया है।
गौरतलब हो कि खेल सामग्री क्रय करने के लिए विभाग ने जिले को 3 करोड़ आठ लाख रुपये का आवंटन दिया है। बताया जाता है कि उक्त रुपयों पर जहाँ भेंडर रूपी बाज की नजर पड़ी वहीं प्रधानाध्यापको व प्रखंड स्तरीय अधिकारियों कर्मचारियों ने भी ने भी बहती गंगा में डुबकी लगाना उचित समझा।
मामला खेल सामग्री की गुणवत्ता या कम आपूर्ति की ही नही बिना आपूर्ति भुगतान का भी है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी समग्र शिक्षा द्वारा बार बार स्मारित करने के बावजूद विद्यालयों द्वारा क्रय पर खर्च की गई राशि की उपयोगिता अबतक नही दिया गया है।
वहीं इस मामले की मीडिया व एंटी करप्शन फाउंडेशन ऑफ इंडिया, बिहार के द्वारा जिलाधिकारी व जिला शिक्षा पदाधिकारी के संज्ञान में देने के उपरांत गत दिनों जिला कार्यक्रम पदाधिकारी माध्यमिक शिक्षा नित्यम गौरव के द्वारा कई प्रखंडों के विद्यालयों की जांच किया गया तो इन्होंने पाया कि कई विद्यालयों में खेल सामग्री की आपूर्ति हुई भी नही है परंतु वेंडरों को निर्धारित राशि का भुगतान कर दिया गया है।
श्री गौरव के अनुसार प्रधानाध्यापकों ने बताया है कि सीआरसी के कर्मियों के दबाव में भुगतान किया गया है। वहीं यह भी बताया जाता है इस खेल सामग्री के खेल में समग्र शिक्षा के भी कई कर्मी व प्रखंडो में कार्यरत लेखपाल व अधिकारी शामिल है।
मजे की बात तो यह है कि जिला के कई कथित वेंडर जिनके दुकान/प्रतिष्ठान का कहीं अता-पता नही है फिर भी इनके द्वारा लाखों की सामग्री विद्यालयों में बेंची गई है। वहीं यह भी बताया जाता है कि एक विशाल स्पोर्ट्स नामक प्रतिष्ठान के द्वारा लगभग 80 प्रतिशत विद्यालयों में मानक के विपरीत प्रधानाध्यापकों व अधिकारियों के मेल में आधा अधूरा ही सामग्री की आपूर्ति कर पूरा भुगतान करा लिया गया है।
जिसके आलोक में एंटी करप्शन फाउंडेशन ने जिलाधिकारी व जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र देकर संबंधित सभी प्रतिष्ठानों के क्रय-विक्रय की जीएसटी व आयकर रिटर्न की जांच कराने तथा बिना आपूर्ति भुगतान करने वाले विद्यालयों व दबाव बनाने वाले अधिकारियों- कर्मचारियों को चिन्हित कर कार्रवाई करने का मांग किया है।
इधर जिला शिक्षा पदाधिकारी राजन कुमार गिरी ने मामले की गम्भीरता को देखते हुए जिले के सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, सभी समन्वय सीआरसी, संसाधन शिक्षक, प्रखंड संसाधनसेवी (समावेशी शिक्षा) सहित सभी संबंधित अधिकारियों को पत्र जारी कर आगामी 15 मई तक सभी विद्यालयों से खेल सामग्री क्रय किए जाने से संबंधित उपियोगिता प्रमाण पत्र, पीपीए, बैंक स्टेटमेंट, विपत्र तथा शपथ पत्र की छायाप्रति उपलब्ध कराने का आदेश दिया है।
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