वैशाली में एनीमिया मुक्त मातृत्व की नई पहल: गर्भवती महिलाओं को दी गई एफसीएम थेरेपी

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वैशाली। बिहार के माननीय स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय द्वारा गुरुवार को पटना में राज्यस्तरीय प्रोग्राम के माध्यम से एनीमिया मैनेजमेंट हेतु एफसीएम (फेरिक कार्बोक्सीमाल्टोज) थेरेपी का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस विशेष अभियान के अंतर्गत बिहार के सभी 38 जिलों में एनीमिक गर्भवती महिलाओं को एफसीएम का डोज दिया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य मैटरनल मॉर्टिलिटी रेट में कमी लाना और सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देना है।
​सदर अस्पताल में सफल रहा वैक्सीनेशन अभियान:
राजधानी में आयोजित मुख्य प्रोग्राम के उपरांत वैशाली जिले के सदर अस्पताल, हाजीपुर में भी इस थेरेपी को प्रभावी ढंग से लागू किया गया। यहाँ सिविल सर्जन डॉ. श्याम नंदन प्रसाद की सीधी देखरेख में एनीमिक गर्भवती महिलाओं को एफसीएम थेरेपी प्रदान की गई। दोपहर तक कुल 16 महिलाओं को यह डोज सफलतापूर्वक दिया जा चुका था। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) डॉ. मनोज कुमार, डीएम एंड ई श्री ऋतुराज और हेल्थ मैनेजर श्री मझहर अली ने प्रोग्राम का सफल संचालन किया। मेडिकल टीम में डॉ. प्रियंका और डॉ. रानी के साथ स्टाफ नर्स रितु, रूबी एवं स्वर्णलता ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस हेल्थ कैंपेन में पिरामल फाउंडेशन की ओर से दीपिका, शशि भूषण, अभिषेक, मनोज तथा भाव्या संस्था से आदित्य एवं सूरज भी उपस्थित रहे।
​आयुष्मान आरोग्य मंदिर की क्वालिटी पर विशेष जोर:
हेल्थ सर्विसेज को सुदृढ़ करने की दिशा में राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार द्वारा एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. मनोज कुमार ने निर्देश जारी किया है कि ब्लॉक लेवल पर प्रत्येक माह आयुष्मान आरोग्य मंदिर (एएएम) की रिव्यू मीटिंग अनिवार्य रूप से आयोजित की जाएगी। इन मीटिंग्स का मुख्य आधार ‘कॉम्प्रिहेंसिव रैंकिंग इंडिकेटर्स’ को बनाया गया है, ताकि हेल्थ सेंटर्स के परफॉरमेंस का सटीक मूल्यांकन हो सके।
​डिजिटल माध्यम से अधिकारियों ने ओरिएंटेशन में भाग लिया:
इस नई रिव्यू प्रणाली को धरातल पर उतारने के लिए एचडब्ल्यूसी सेल द्वारा दो बैच में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ओरिएंटेशन प्रोग्राम का आयोजन किया गया। वैशाली जिले को इस प्रोग्राम के दूसरे बैच (बैच 2) में रखा गया था। निर्धारित शेड्यूल के अनुसार, 24 मार्च को दोपहर 02 बजे आयोजित इस ऑनलाइन मीटिंग में जिले के डीपीएम, डीएम एंड ईओ, डीपीसी के साथ-साथ ब्लॉक लेवल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी (एमओआईसी), ब्लॉक हेल्थ मैनेजर (बीएचएम) और ब्लॉक मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन असिस्टेंट (बीएम एंड ईए) ने भाग लिया है। इस पहल से हेल्थ सर्विसेज की मॉनिटरिंग और भी ट्रांसपेरेंट व प्रभावी होने की उम्मीद है।
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