भारत में गहराया बीयर का संकट ईरान युद्ध के चलते बढ़ सकते हैं दाम, जानिए क्या है पूरी वजह

Live News 24x7
3 Min Read

मिडिल ईस्ट में ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव ने अब भारतीय बाजार में भी हलचल पैदा कर दी है। युद्ध की इस आग की तपिश अब भारत के बीयर प्रेमियों तक पहुँचने वाली है। कच्चे माल की किल्लत और समुद्री रास्तों में आई बाधा की वजह से भारत में बीयर की सप्लाई चैन बुरी तरह प्रभावित हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी, तो आने वाले दिनों में बीयर की कई बड़ी ब्रांड्स न केवल बाजार से गायब हो सकती हैं, बल्कि उनकी कीमतों में भी भारी इजाफा देखने को मिल सकता है।

कच्चे माल ‘हॉप्स’ और ‘माल्ट’ की सप्लाई पर पड़ा असर

बीयर बनाने के लिए जरूरी मुख्य तत्व जैसे ‘हॉप्स’ और कुछ खास तरह के ‘जौ’ (Barley) का एक बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात किया जाता है। ईरान और आसपास के इलाकों में जारी युद्ध के कारण मालवाहक जहाजों (Cargo Ships) को लंबे और महंगे रास्तों का चुनाव करना पड़ रहा है। इससे न केवल शिपिंग की लागत बढ़ गई है, बल्कि डिलीवरी में भी हफ्तों की देरी हो रही है। शराब कंपनियों का कहना है कि लागत में हुई इस बढ़ोतरी का बोझ अंततः उपभोक्ताओं पर ही पड़ेगा।

ग्लास की बोतलों और पैकेजिंग का भी बढ़ा संकट

युद्ध का असर केवल कच्चे माल तक सीमित नहीं है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और ईंधन की बढ़ती कीमतों ने कांच की बोतलों के निर्माण और परिवहन को भी महंगा कर दिया है। बीयर कंपनियों के लिए इनपुट कॉस्ट (उत्पादन लागत) में 15 से 20 प्रतिशत तक की वृद्धि देखी जा रही है। भारत के कई राज्यों में पहले से ही बीयर की मांग और आपूर्ति के बीच अंतर देखा जा रहा है, जिसे अब इस युद्ध ने और गहरा दिया है।

त्योहारी सीजन और गर्मी में बढ़ सकती है किल्लत

भारत में जैसे-जैसे पारा चढ़ रहा है और शादियों व त्योहारों का सीजन नजदीक आ रहा है, बीयर की मांग चरम पर है। सप्लाई चैन में आई इस बाधा ने शराब विक्रेताओं की चिंता बढ़ा दी है। कई रिटेल स्टोर्स पर लोकप्रिय ब्रांड्स का स्टॉक कम होने लगा है। यदि आयात शुल्क और परिवहन लागत में कमी नहीं आई, तो राज्य सरकारें एक्साइज ड्यूटी में बदलाव कर कीमतों को और ऊपर ले जा सकती हैं। यह स्थिति केवल बीयर ही नहीं, बल्कि अन्य आयातित स्पिरिट्स के लिए भी अलार्म की घंटी है।

13
Share This Article
Leave a review

Leave a review

Your email address will not be published. Required fields are marked *