खबर बिहार के मोतिहारी जिले की है जहां मोतिहारी स्थित जामा मस्जिद के पास रमजान के आखिरी जुम्मे यानी अलविदा जुम्मा की नमाज अकीदत और शांतिपूर्ण माहौल में अदा की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में रोजेदारों ने नमाज अदा कर देश में अमन-चैन, तरक्की और खुशहाली की दुआ मांगी।
नमाज को लेकर शहर के आसपास के इलाकों में विशेष चहल-पहल देखी गई। स्थानीय हिंदू भाइयों ने भी गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश करते हुए अपनी दुकानों और प्रतिष्ठानों को नमाजियों के लिए उपलब्ध कराया। इस दौरान आपसी भाईचारे और सौहार्द का अनूठा दृश्य देखने को मिला। मोतिहारी की मेयर प्रीति कुमारी ने कहा कि यह दृश्य हिंदू-मुस्लिम एकता और सामाजिक समरसता की जीवंत मिसाल है। उन्होंने कहा कि मोतिहारी की धरती पर वर्षों से सभी धर्मों के लोग मिल-जुलकर एक-दूसरे के पर्व-त्योहार में सहयोग करते आए हैं, जो समाज के लिए प्रेरणादायक है।
वहीं, मौके पर मौजूद एसडीएम निशांत सेहरा और सदर डीएसपी दिलीप कुमार ने बताया कि अलविदा जुम्मा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती की गई थी तथा ट्रैफिक व्यवस्था को भी सुचारू रखा गया, जिससे नमाज शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सकी। कुल मिलाकर, अलविदा जुम्मा के अवसर पर मोतिहारी में आपसी भाईचारे, सौहार्द और एकता का सशक्त संदेश देखने को मिला, जिसने सामाजिक सद्भाव को और मजबूती प्रदान की।
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