बदलती लाइफस्टाइल में धूम्रपान एक आम आदत बन गई है, लेकिन अगर आप फैमिली प्लानिंग कर रहे हैं, तो यह आदत आपके लिए महंगी साबित हो सकती है। चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि सिगरेट में मौजूद जहरीले रसायन न केवल फेफड़ों को नुकसान पहुँचाते हैं, बल्कि महिलाओं और पुरुषों दोनों के प्रजनन अंगों (Reproductive Organs) की कार्यक्षमता को भी धीमा कर देते हैं।
1. महिलाओं पर असर: अंडों की गुणवत्ता में कमी
सिगरेट में मौजूद निकोटीन और कार्बन मोनोऑक्साइड महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन के स्तर को प्रभावित करते हैं।
अंडों का नुकसान: धूम्रपान करने वाली महिलाओं में अंडों की संख्या और गुणवत्ता (Egg Quality) तेजी से घटती है।
जल्दी मेनोपॉज: जो महिलाएं नियमित धूम्रपान करती हैं, उनमें सामान्य महिलाओं की तुलना में 1 से 4 साल पहले मेनोपॉज (Menopause) आने का खतरा रहता है।
फैलोपियन ट्यूब में समस्या: धूम्रपान से फैलोपियन ट्यूब के कार्य में बाधा आती है, जिससे एक्टोपिक प्रेग्नेंसी (Ectopic Pregnancy) का जोखिम बढ़ जाता है।
2. पुरुषों पर असर: स्पर्म काउंट और गतिशीलता
प्रजनन संबंधी समस्याओं के लिए अक्सर केवल महिलाओं को जिम्मेदार माना जाता है, लेकिन पुरुषों का धूम्रपान भी उतना ही घातक है।
स्पर्म की गुणवत्ता: धूम्रपान करने वाले पुरुषों में स्पर्म काउंट कम हो जाता है और उनकी गतिशीलता (Motility) भी प्रभावित होती है।
DNA डैमेज: सिगरेट के धुएं से स्पर्म के DNA को नुकसान पहुँच सकता है, जिससे गर्भपात (Miscarriage) या बच्चे में जन्मजात दोषों का खतरा बढ़ जाता है।
इरेक्टाइल डिस्फंक्शन: धूम्रपान रक्त वाहिकाओं को सिकोड़ता है, जो पुरुषों में यौन क्षमता को प्रभावित कर सकता है।
3. ‘एक सिगरेट’ का भ्रम (The Myth of Just One)
कई लोग इसे ‘सोशल स्मोकिंग’ कहकर बचाव करते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि:
सिगरेट के धुएं में 7,000 से अधिक रसायन होते हैं।
एक सिगरेट भी शरीर में ‘ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस’ पैदा करने के लिए काफी है, जो प्रजनन कोशिकाओं को नष्ट करता है।
यह गर्भधारण में लगने वाले समय (Time to Conceive) को दोगुना तक बढ़ा सकती है।
4. पैसिव स्मोकिंग भी है खतरनाक
यदि आप खुद धूम्रपान नहीं करते लेकिन आपके पार्टनर या आसपास के लोग करते हैं, तो वह ‘सेकेंड हैंड स्मोक’ भी आपकी फर्टिलिटी को 20% से 30% तक कम कर सकता है।
कैसे सुधारें अपनी फर्टिलिटी?
पूरी तरह छोड़ें: कम करने के बजाय धूम्रपान पूरी तरह बंद करना ही एकमात्र समाधान है। छोड़ने के 3 महीने बाद शरीर में नए और स्वस्थ स्पर्म/अंडे बनने की प्रक्रिया बेहतर होने लगती है।
एंटी-ऑक्सीडेंट्स लें: विटामिन C और E से भरपूर फल और सब्जियां खाएं जो धूम्रपान से हुए नुकसान की भरपाई में मदद करते हैं।
डॉक्टरी सलाह: यदि आप 6 महीने से कोशिश कर रहे हैं और गर्भधारण नहीं हो रहा, तो तुरंत फर्टिलिटी विशेषज्ञ से मिलें।
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