पश्चिम एशिया में छिड़ी जंग के बीच पीएम मोदी की बड़ी पहल, 5 देशों के राष्ट्राध्यक्षों से की बात; ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ को लेकर दी कड़ी चेतावनी

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नई दिल्ली। पश्चिम एशिया (Middle East) में गहराते युद्ध के बादलों और बिगड़ती सुरक्षा स्थिति के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक स्तर पर कमान संभाल ली है। गुरुवार को पीएम मोदी ने कतर, फ्रांस, जॉर्डन, ओमान और मलेशिया के शीर्ष नेताओं से टेलीफोन पर विस्तार से चर्चा की। इस बातचीत में प्रधानमंत्री ने न केवल क्षेत्र में बढ़ती हिंसा पर गहरी चिंता जताई, बल्कि ऊर्जा बुनियादी ढांचे (Energy Infrastructure) पर हो रहे हमलों की कड़े शब्दों में निंदा भी की। भारत की यह कूटनीतिक सक्रियता ऐसे समय में आई है जब दुनिया भर में तेल और गैस की आपूर्ति को लेकर हाहाकार मचा हुआ है।

‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ पर भारत का कड़ा रुख

प्रधानमंत्री मोदी ने सभी पांचों नेताओं के साथ बातचीत में ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) से सुरक्षित और स्वतंत्र नेविगेशन की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। दरअसल, वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। पीएम ने स्पष्ट किया कि माल और ऊर्जा के निर्बाध पारगमन (Transit) में कोई भी बाधा वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए घातक होगी। उन्होंने दोहराया कि भारत क्षेत्र की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन के सख्त खिलाफ है।

कतर और जॉर्डन के राजाओं को बताया ‘भाई’, दी ईद की मुबारकबाद

कूटनीति के साथ-साथ पीएम मोदी ने व्यक्तिगत रिश्तों की गर्मजोशी भी दिखाई। कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी और जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय को “मेरा भाई” संबोधित करते हुए पीएम ने उन्हें ईद-उल-फितर की अग्रिम शुभकामनाएं दीं। कतर में भारतीय समुदाय की देखभाल के लिए आभार व्यक्त करते हुए पीएम ने कहा कि भारत संकट की इस घड़ी में कतर के साथ एकजुटता से खड़ा है।

फ्रांस के साथ ‘पीस प्लान’ पर चर्चा, मैक्रों ने जताया आभार

यूरोपीय देशों में भारत के सबसे भरोसेमंद साथी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से भी पीएम मोदी की लंबी बात हुई। पीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि दोनों देश तनाव कम करने और बातचीत (Dialogue) के रास्ते पर लौटने के लिए घनिष्ठ समन्वय जारी रखेंगे। जवाब में मैक्रों ने भी पीएम मोदी को “प्रिय मित्र” कहते हुए शांति प्रयासों के लिए भारत की कूटनीति की सराहना की।

ओमान और मलेशिया से शांति की अपील

ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक के साथ बातचीत में पीएम मोदी ने ओमान की संप्रभुता के उल्लंघन की कड़ी निंदा की। साथ ही, युद्ध क्षेत्र में फंसे हजारों भारतीयों की सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित करने के लिए ओमान के प्रयासों की तारीफ की। मलेशिया के पीएम अनवर इब्राहिम के साथ भी पीएम मोदी ने साझा प्रतिबद्धता दोहराई कि केवल संवाद और कूटनीति के जरिए ही इस आग को बुझाया जा सकता है।

28 फरवरी के बाद से बढ़ी है कूटनीतिक हलचल

बता दें कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमले के बाद से ही स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। पीएम मोदी अब तक सऊदी अरब, यूएई, इजरायल और ईरान सहित लगभग सभी प्रमुख विश्व नेताओं से संपर्क साध चुके हैं। भारत का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में फंसे अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और वैश्विक ऊर्जा संकट को टालना है।

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