- शिवरात्रि के आंचल में छपी आध्यात्मिक रहस्य को पूर्ण रूप से जान जाए तो विश्व का परिवर्तन सहज रूप से हो सकता- सुनिता
गया जी।ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के द्वारा शोभायात्रा निकाली गई। इस शोभा क्षेत्र में विशेष रूप से शिव शंकर में महान अंतर को दर्शाया गया है। लक्ष्मी नारायण के सतयुग राज दरबारदिखाई गई है। इस चैतन्य झांकी की विशेषता अमरनाथ बर्फ का शिवलिंग ब्रह्माकुमारी जन जन को जागृति करते हुए नारे और शिव जयंती का गीत के साथ जन-जन को संदेश देते हुए परमात्मा का संदेश दिया गया है। सैकड़ो माता ने कलश झंडा और स्लोगन के साथ सारे पूरे शहर में पर्चा दिया और परमात्मा का संदेश देते हुए कहा की शिवरात्रि परमपिता परमात्मा शिव जब सारी धरती पर धर्म गलानी बढ़ जाती है।तो ब्रह्मा तन में अवतरित हो कर अज्ञान अंधकार मिटाने आए हैं। शिवरात्रि सार्वभौमिक त्यौहार है ब्रह्मा कार्य सुनीता ने कहा यदि शिवरात्रि के आंचल में छपी आध्यात्मिक रहस्य को पूर्ण रूप से जान जाए तो विश्व का परिवर्तन सहज रूप से हो सकता है क्योंकि शिवरात्रि सिर्फ संप्रदाय भक्तों का पर्व नहीं इन सारे विश्व को प्रमुख धर्म प्राचीन सभ्यता प्राचीन संस्कृति को देखें। तो स्पष्ट होता है कि यह पावर पर्व विश्व सर्वात्माओं के लिए ही है 15 फरवरी इंदिरा गांधी स्टेडियम में सर्वधर्म शिवरात्रि की बहुत-बहुत शुभकामनाएं सम्मेलन के द्वारा परमात्मा का सत्य परिचय पहचान कर सर्वात्माओं के पिता से संबंध जोड़ और सत्य की जानकारी ले।
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