पांच वर्षों में राज्य के सभी प्रखंडो में खुलेंगे छात्रावास : मंत्री

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  • वर्तमान 139 छात्रावास संचालित
  • 18 जिलों में 100 बेड वाली सावित्री बाई फुले छात्रावास के लिए भूमि आवंटित की जा चुकी है, और कुछ जगहों पर कार्य शुरू हो गया है 
पटना। राज्य के सभी प्रखंडो में एससी-एसटी समुदाय के छात्रों लिए छात्रावास खोले जाएंगे। अगले पांच वर्षों में सभी 534 प्रखंडो में इनका निर्माण होगा। इस कड़ी में अबतक 139 छात्रावास संचालित है एवं 60 नए छात्रावासों की स्वीकृति दी जा चुकी है, जिनमें से कुछ जगहों पर निर्माण कार्य प्रारंभ है। ये बाते शुक्रवार को अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने सूचना भवन के संवाद कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में बताई।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में 91 आवासीय विद्यालय संचालित है। जहां आवासित छात्र छात्राओं को आवासन एवं पठन-पाठन की उच्च स्तरीय सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध कराई जाती है। इन आवासीय विद्यालयों के छात्र छात्राओं ने नीट, जेईई एवं अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में सफलता अर्जित की है। 91 आवासीय विद्यालयों के अतिरिक्त 28 अन्य नए विद्यालयों की स्वीकृति दी गई है। साथ ही प्रत्येक जिले में 100 बेड वाली सावित्री बाई फुले छात्रावास खोलने की भी योजना है। इसके लिए 18 जिलों में भूमि आवंटित की जा चुकी है, और कुछ जगहों पर कार्य शुरू हो गया है।
उन्होंने आगे बताया कि इन छात्रावासों में प्रतेक छात्र-छात्राओं को 15 किलो ग्राम अनाज (9 किग्रा चावल/ 6 किग्रा गेंहू) मुफ्त दिया जाता है। साथ ही, बच्चों को मुख्यमंत्री छात्रावास अनुदान योजना के तहत 1 हजार रुपये प्रतिमाह डीबीटी के माध्यम से खाते में भेजा जाता है। इन छात्रावासों में शिक्षा पर विशेष ध्यान देते हुए डिजिटल लाइब्रेरी समेत अन्य शैक्षणिक सुविधाएं मौजूद है।
वर्ष 2025-26 में मुख्यमंत्री मेधावृति योजना का लाभ 1 लाख 53 हजार 506 छात्र-छात्राओं को लाभ दिया गया है। एससी-एसटी छात्रों के लिए विभाग सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना चला रही है। एससी-एसटी समुदाय के लोगो को अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत वर्ष 2025-26 में 127.50 करोड़ रुपये की अनुदान राशि दी गई है। इसके तहत हत्या के मामले में पीडित के आश्रित को सरकारी नौकरी देने का प्रावधान है। जिसमें अबतक कुल 107 मामलों में आश्रितों को नौकरी दी गई है जबकि 1477 आश्रितों को पेंशन का भुगतान किया जा रहा है।
बिहार महादलित विकास मिशन इन समुदाय के लोगो के लिए विशेष रूप से कार्य कर रहा है। इसके लिए प्रत्येक पंचायत में 9 हजार 718 विकास मित्र तैनात किये गए है। एससी-एसटी टोलो में अबतक 4 हजार 808 सामुदायिक भवन-सह-वर्कशेड का निर्माण किया गया है। थरुहट क्षेत्र के विकास के लिए विभाग द्वारा समेकित थरुहट विकास अधिकरण का गठन किया गया है। जहां अबतक 357 योजनाएं ली गई है जिनमें 279 योजना पूर्ण कर लिया गया है तथा 78 पर कार्य चल रहा है।
उन्होंने बताया कि प्री मैट्रिक छात्रवृति योजना के तहत वर्ग 1 से लेकर 10 तक के छात्रों की छात्रवृति दोगुनी कर दी गई है। वहीं, पोस्ट मैट्रिक छात्रवृति योजना के तहत आईटीआई के लिए 75 सौ रुपये, डिप्लोमा/पॉलिटेक्निक एवं अन्य समकक्ष कोर्स के लिए 15 हजार रुपये, व्यावसायिक तकनीकी शिक्षण कोर्स के लिए 25 हजार रुपये बढाई गई है।
मौके पर उपस्थित विभाग के सचिव संदीप कुमार आर पुडकलकट्टी ने बताया कि विभाग इनके उत्थान के लिए कई तरह के योजनाएं चला रही है जिससे इनके विकास को गति मिल रहा है।
इस मौके पर प्रियंका रानी, निदेशक, गौतम पासवान, अपर सचिव, दीवान जाफर हुसैन खां, विशेष कार्य पदाधिकारी, विनोद कुमार पंकज, आप्त सचिव समेत अन्य मौजूद रहे।
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