सामाजिक विज्ञान में राष्ट्र की अवधारणा: एक भारतीय परिप्रेक्ष्य” नामक विषय पर त्रिदिवसीय आठवें राष्ट्रीय सम्मलेन के द्वितीय दिवस का शुभारंभ 

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बोधगया । राष्ट्रीय समाज विज्ञान परिषद् एवं मगध विश्वविद्यालय के राजनीति  विज्ञान  विभाग के संयुक्त तत्वावधान में “सामाजिक विज्ञान में राष्ट्र की अवधारणा: एक भारतीय परिप्रेक्ष्य” नामक विषय पर त्रिदिवसीय आठवें राष्ट्रीय सम्मलेन के द्वितीय दिवस का शुभारंभ दूरस्थ शिक्षा विभाग स्थित राधाकृष्णन सभागार में प्लीनरी सेशन एवं राउंड टेबल डिस्कशन के साथ हुआ है। इस सत्र की अध्यक्षता आर.एस.वी.पी. की उपाध्यक्ष प्रो. शीला रॉय ने की है।
प्लीनरी सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर हिमांशु रॉय, महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी के पूर्व कुलपति प्रो. संजीव शर्मा तथा आर.एस.वी.पी. के मुख्य संरक्षक प्रो. पी. वी. कृष्ण भट्ट उपस्थित रहे हैं। वक्ताओं ने राष्ट्र की भारतीय अवधारणा, उसके दार्शनिक आधार और समकालीन प्रासंगिकता पर गहन विचार प्रस्तुत किए हैं।
प्लीनरी सत्र के पश्चात् संगोष्ठी में छह समानांतर (पैरेलल) तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया है, जिनमें 150 से अधिक प्रतिभागियों ने राष्ट्र की भारतीय अवधारणा से संबंधित विविध विषयों पर अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए हैं। इन सत्रों में राष्ट्रवाद एवं राजधर्म, वेदों एवं उपनिषदों में राष्ट्र-दर्शन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक विचार-विमर्श एवं चिंतन-मंथन हुआ है।
सायंकाल शोध पत्र प्रस्तुतियों के उपरांत सभी प्रतिभागियों ने बोधगया भ्रमण के लिए प्रस्थान किया है।इस संगोष्ठी का समापन सत्र दिनांक 18 जनवरी 2026 को आयोजित किया जाएगा।
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