- बिहार सरकार द्वारा तीसरी बार ईजेडसीसी तो राज्यपाल की अनुशंसा पर भारतीय नृत्य कला मंदिर की सदस्यता का गौरव
- साँस्कृतिक विरासतें व राज्य के कलाकारो का संवर्धन हमारी प्राथमिकता : डाॅ. नीतू कुमारी नूतन
मोतिहारी ! अपनी सुमधुर गायिकी से देश – दुनिया मे भारतीय कलाओं के नित्य नये रंग बिखेर रहीं राष्ट्रपति अवार्डी सुप्रसिद्ध गायिका व चंपारण की बेटी डाॅ. नीतू कुमारी नूतन ने एक साथ दो – दो उपलब्धियाॅ अपने नाम कर चंपारण को गौरवान्वित किया है।
डाॅ. नूतन पुन: भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय अंतर्गत ईजेडसीसी, कोलकाता की सदस्य बनायी गई हैं, वहीं उन्हें भारतीय नृत्य कला मंदिर, पटना के सदस्य का भी दायित्व सौंपा गया है। डाॅ.नूतन की कलात्मक उपलब्धियाॅ एवं कला के क्षेत्र मे उनके अप्रतिम योगदान देख उन्हें ये दायित्व सौंपे गए हैं।
डाॅ.नूतन को बिहार सरकार की अनुशंसा पर इसबार ईजेडसीसी, कोलकाता के जेनेरल काउंसिल का सदस्य बनाया गया है, जहाॅ वे बिहार का प्रतिनिधित्व करेंगी। वहीं बिहार के राज्यपाल के नॉमिनेशन पर उन्हें भारतीय नृत्य कला मंदिर के सदस्य के रुप मे नयी जिम्मेवारी भी सौंपी गई है।
डाॅ. नूतन इसके पूर्व भी दो बार ईजेडसीसी, कोलकाता की सदस्य रह चुकीं हैं। ईजेडसीसी, कोलकाता मे बिहार समेत पूर्वी भारत के नौ राज्य शामिल हैं। राज्य सरकार की अनुशंसा के पश्चात ही राज्यो से प्रतिनिधि चुने जाते हैं। जो ईजेडसीसी के नीति- निर्माण व सलाहकार के रुप मे महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करते हैं। ईजेडसीसी, कोलकाता के जेनेरल काउंसिल की सदस्य डाॅ.नूतन उपर्युक्त भूमिकाओ के निर्वहन के साथ बिहार की मौलिक व पारंपरिक कला – संस्कृति को संरक्षित कर उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने मे अपना बहुमूल्य योगदान भी सुनिश्चित करेंगी। इसके साथ राज्य के युवा कलाकारो को ईस्टर्न जोन अंतर्गत राज्यो के विभिन्न मंचो पर समुचित अवसर प्रदान कर उन्हें प्रोत्साहित करने का कार्य भी वे मजबूती के साथ करेंगी।
वहीं राज्यपाल कोटे से भारतीय नृत्य कला मंदिर, पटना की सदस्य बनायी गईं डाॅ. नूतन लोक भवन का प्रतिनिधित्व करेंगी।
डाॅ.नूतन ने कहा ईजेडसीसी, कोलकाता द्वारा निर्धारित सांस्कृतिक गतिविधियो मे बिहार की ज्यादा से ज्यादा भागीदारी सुनिश्चित कराना उनकी प्राथमिकता होगी, साथ ही बिहार की साँस्कृतिक विरासतो के संवर्धन के साथ राज्य के युवा कलाकारो को जोन के प्रत्येक हिस्से मे कला प्रदर्शनों के लिए भेजने की दिशा मे वे गंभीरता से कार्य करेंगी।
डाॅ.नूतन ने कहा कि भारतीय नृत्य कला मंदिर के सदस्य के रुप मे राज्य के सांस्कृतिक विरासतो को पुनर्जीवित करने तथा नृत्यकला मंदिर के कलात्मक उदेश्यो को आगे बढ़ाने के लिए पूरी पारदर्शिता के साथ वे निरंतर कार्य करती रहेंगी।
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