अशोक वर्मा ।
बेतिया, पश्चिम चंपारण : अपने चिर परिचित अंदाज में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर अपनी यात्रा पश्चिम चंपारण की धरती से आरंभ की। इस बार की यात्रा का नाम समृद्धि यात्रा रखा गया है। यात्रा के दौरान बेतिया रमना मैदान में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि 2005 के पहले का बिहार हाल क्या था यह सभी जानते हैं ।भय से लोग घरो से बाहर नहीं निकल रहे थे, चारों तरफ लोगों के अंदर एक अजीब डर का माहौल बना हुआ था ।जब हमारी सरकार आई उसके बाद लोगों के अंदर भय समाप्त हुआ और फिर बिहार ने विकास का रफ्तार पकड़ा। 2006 में बिहार सरकार ने कब्रिस्तानो की घेराबंदी शुरू की लेकिन बहुत तरह की रुकावट आई बावजूद पुणः 2014 से घेराबंदी की गई। शिक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षक बहाली, पोशाक ,साइकिल योजना आदि नई-नई स्कीम चलाये गए और बिहार को प्रगति के पथ पर आगे बढाया गया। संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पांच मौका बिहार ने तय किया ।लाखों शिक्षकों की बहाली हमने की। 5,24000 शिक्षक बहाली हुई। पहले की सरकार ने स्वास्थ्य से लेकर हर तरह के स्थिति को बिगाड़ दिया था, सड़के नहीं थी कुछ भी नहीं था, बिहार मानो खोखला हो चुका था। हमने जब सत्ता संभाली उसके बाद शिक्षा के साथ-साथ चिकित्सा आदि व्यवस्था सुदृढ़ की गई। मरीजों की संख्या जहां सरकारी अस्पतालों में बिल्कुल नगण्य थी हमारे आने के बाद मरीजों की संख्या काफी बढ़ने लगी और सरकारी अस्पतालों के प्रति लोगों में निश्चय बढा। पटना मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में बेडो की संख्या बढ़ाई गई ।सड़क, पुल निर्माण के क्षेत्र में हमने बहुत काम किया ।2015 में सात निश्चय योजना आरंभ की गई और उसे गति दी गई। घर-घर में हम लोगों ने जल, बिजली पहुंचाई।अबतक 10 लाख नौकरी दी जा चुकी है ।40 लाख लोगो को रोजगार दिया गया ।अगले 5 वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी रोजगार देने का लक्ष्य है जिसे हम लोग पूरा करेंगे। हमने सभी जाति, धर्म और संप्रदाय के लोगों के लिए बराबर काम किया है।मदरसो को सरकारी मान्यता और सरकारी वेतन देना आरंभ किया गया ।दिव्यांग, विधवा, वृद्धा पेंशन राशि में वृद्धि की गई और वह राशि बढ़ाकर 1100 रुपए कर दी गई ।2020 में जाति आधारित जनगणना हुई अभी सरकार ने ₹200000 देने की घोषणा की है हम लोगों से निश्चित देंगे, अधिक भी दे सकते हैं। महिलाओं के लिए तो बहुत काम किया गया। 50% आरक्षण दिया गया ,बिहार में स्वयं सहायता समूह की संख्या बढ़ाई गई, सरकारी नौकरी में महिलाओं को 35% आरक्षण दिया गया। नीतीश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि इस कार्य में बिहार सरकार के विकास में केंद्र सरकार का बहुत ही योगदान रहा है हम उनहे नमन करते हैं, और उन्होंने मंच से मोदी जी की प्रति आभार प्रकट किया ।उन्होंने कहा कि अगले 5 वर्षों यानी 2030 तक राज्य के नागरिकों का औसत आय दुगना करना है और सहायता राशि को काफी बढ़ाना है। सशक्त बिहार का नारा उन्होंने दिया और 5000 नए उद्योग लगाने का लक्ष्य भी रखा। मुख्यमंत्री ने घोषणा की की चीनी मिलों को पुनः चालू किया जाएगा, कृषि विकास में तेजी लाई जाएगी, मखाना उद्योग को बढ़ाया जाएगा, मत्स्य पालन को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने प्रत्येक प्रखंड में आदर्श विद्यालय एवं कॉलेज खोलने की भी घोषणा की। स्वास्थ्य सेवा हेतु प्रखंड में अस्पताल एवं निजी अस्पताल को प्रोत्साहित करने की भी उन्होंने घोषणा की। मुख्यमंत्री ने सरकारी डॉक्टरो के निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने की भी घोषणा की और ग्रामीण सड़कों का चौड़ीकरण करने के साथ-साथ पर्यटन को विकसित करने की उन्होंने घोषणा की ।उनहोने कहा कि इससे नये रोजगार का सृजन होगा। खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी में दी जा रही है इस बात को उन्होंने दोहराया। मुख्यमंत्री के इस यात्रा में प्रदेश के दोनो उपमुख्यमंत्री एवं आला अधिकारी मौजूद थे ।मुख्यमंत्री ने जब सात निश्चय कि जब चर्चा कर रहे थे तब जनता में इस पर प्रक्रिया भी आ रही थी, क्योंकि सात निश्चय में ज्यादातर निश्चय असफल हो चुके हैं । मुख्यमंत्री ने अपना टोटल भाषण पढ़कर के ही सुनाया ।काफी लोग ठंड के बावजूद भी मुख्यमंत्री को सुनने के लिए उपस्थित थे ।पश्चिमी चंपारण की भूमि से मुख्यमंत्री ने जो समृद्धि यात्रा आरंभ की है यह यात्रा पूरे बिहार में उन्हें चरणबद्ध तरीके से करना है। बिहार की जनता के प्रति वे आभार भी जाता रहे थे तथा अपनी प्रतिबद्धता को भी लगातार दोहरा रहे हैं।विकसित बिहार के स्वप्न को वे बार-बार लोगों के बीच रख रहे हैं।अब देखना है कि उनकी घोषणाएं अमल में कितनी आती है और बिहार कितना आगे बढ़ता है यह समय बताएगा।
22
