बोधगया ।मगध विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर समाजशास्त्र विभाग में आई. क्यू. ए. सी. के तत्वावधान में सावित्रीबाई फुले की 195वीं जयंती मनाई गई है। इस अवसर पर उन्हें भारत की पहली महिला शिक्षक, समाज सुधारक और शिक्षा की अग्रणी के रूप में याद करते हुए पुष्पांजलि अर्पित किया गया। इस अवसर पर समाजशास्त्र के विभागाध्यक्ष एवं समाजविज्ञान के संकायाध्यक्ष प्रो. दीपक कुमार और मगध विश्विद्यालय के डी. एस. डब्लू. प्रो. पी. के. चौधरी ने अपने विचार रखे। प्रो. दीपक कुमार ने कहा कि माता सावित्रीबाई फुले भारतीय समाज की महिलाओं की मार्गदर्शिका हैं। इन्होंने विचारक जयरीन फ्रीमैन के शब्दों को वर्णित करते हुए कहा कि समाज में महिलाओं और पुरुषों को उनके स्त्रीत्व और पुरुषत्व के आधार पर देखने का प्रयास नहीं करना चाहिए बल्कि उनकी ऊर्जा के स्तर से उन्हें आंकना चाहिए। मेरी डेली के समाजशास्त्रीय कार्यों का उल्लेख करते हुए इन्होंने कहा कि स्त्री और पुरुष दोनों लिंगो में कुछ खामियां और खूबियां होती हैं किन्ही को भी श्रेष्ठ नहीं माना जा सकता बल्कि दोनों एकजुट होकर ही संपूर्ण हो सकते हैं। सावित्रीबाई फुले की जयंती के अवसर पर इन्होंने कहा कि हमें माता सावित्रीबाई फुले को मार्गदर्शिका के रूप में देखना चाहिए और उनके कार्यों को याद करते हुए अपने दिल में उतारना चाहिए। महिला सशक्तिकरण पर इन्होंने कहा कि सकल नामांकन अनुपात अब बराबरी पर पहुंच रही है जो की महिलाओं के सशक्त होने का प्रमाण देती हैं। सावित्रीबाई फुले की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए डॉ. प्रमोद कुमार चौधरी ने कहा कि सावित्रीबाई फुले के इतिहास को पढ़ने की जरूरत है यही हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस कार्यक्रम में मंच का संचालन डॉ. प्रियम शर्मा और धन्यवाद ज्ञापन राहुल सिंह ने दिया है। इस अवसर पर समाजशास्त्र विभाग की डॉ. वंदना कुमारी , डॉ. अनन्या स्वराज, डॉ. कविता कुमारी, डॉ. चांदनी रोशन, डॉ. रघुवंश सिन्हा, डॉ. कुमारी रति, रसायनशास्त्र के विभागाध्यक्ष डॉ. अतुल श्रीवास्तव, डॉ. सुमित कुमार,एल.एस.डब्ल्यू. की विभागाध्यक्ष डॉ. वंदना कुमारी और डॉ. राजेश कुमार मौजूद थे।
32
