तुषार गांधी ने आजादी की लड़ाई में शाह परिवार, के योगदान को सराहा

Live News 24x7
4 Min Read
अशोक  वर्मा 
मोतिहारी : चंपारण के ऐतिहासिक धरती पर  दिनांक रविवार को महात्मा गाँधी के प्रपौत्र तुषार गांध का आगमन हुआ। मोतिहारी शहर के प्रसिद्ध शाह परिवार जिसके कई सदस्यों से आजादी की लड़ाई लड़ी तथा जेल गए जैसे बाबू रामदयाल प्रसाद शाह, बाबू देवी लाल साहू, बाबू ललिता प्रसाद साहू, बाबू जगरनाथ प्रसाद साहू, बाबू केदार नाथ साहू, बाबू रामलाल साहू, बाबू भुनेश्वर नाथ साहू, बाबू रामेश्वर नाथ साहू, पार्वती देवी आदि थे, के सदस्यों ने अपनी परंपरा” अतिथि देवो भव:” का निर्वाहन करते हुए श्री तुषार गांधी जी का हार्दिक अभिनंदन मोतिहारी के प्रसिद्ध पुस्तकालय में किया। सबसे पहले चंपारण सत्याग्रह के सहयोगियों के फोटो का अनावरण किया गया, जिसके बाद शाह परिवार के स्वतंत्रता आंदोलन को याद किया गया। पवन पुनीत चौधरी ने शाह परिवार के आजादी की लड़ाई में किए गए योगदानो को बताया तथा डॉ चन्दन जायसवाल ने बताया कि  शाह परिवार के स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय रामदयाल प्रसाद शाह ने ही लखनऊ अधिवेशन में सर्वप्रथम महात्मा गाँधी को चंपारन आने का न्यौता दिया था तथा कई बार पूर्व में चिट्ठी भी लिखी और सबसे पहले जमाननंद को भी गांधी जी को चम्पारण लाने के लिए अहमदाबाद भेजा था पर वो प्रयास विफल रहा था। राम दयाल प्रसाद शाह ही लखनऊ में महात्मा जी से राजकुमार शुक्ला के साथ मिले थे और चुकी राजकुमार शुक्ला को अंग्रेजी तथा गांधी जी का भोजपुरी नहीं आती थी तो सारी बात रामदयाल प्रसाद शाह ने ही गांधी जी से की थी।। बाद में महात्मा गाँधी के कानपुर चले जाने के कारण रामदयाल प्रसाद शाह ने कानपुर जाकर महात्मा गाँधी, पोलॉक और तिलक महाराज से बात करी जिसके बाद गांधी जी नने मोतिहारी आने की स्वीकृति दी। इस बात का ज़िक्र स्वयं शुक्ला जी ने अपनी डायरी में की है। अपनी दादी की मृत्यु 5 अप्रैल 1917 को हो जाने के कारण वे गांधी जी को चम्पारण लाने कलकत्ता नहीं जा सके और राजकुमार शुक्ला को  ससम्मान कलकत्ता भेज दिया। चंपारण में महात्मा गाँधी और उनके सहयोगियों के रहने के लिए मकान तथा अन्य सारी व्यवस्था भी शाह परिवार ने ही किया और गांधी जी को आश्रम बनाने के लिए बंजरिया स्थित अपनी ढाई बिगहा ज़मीन बाबू देवी लाल साहू ने ही दिया जिसे बजरिया पंडाल गांधी आश्रम कहा जाता है।
 तुषार गांधी ने भी शाह परिवार के बारे में कहा की आपके परिवार का बहुत योगदान है देश की आज़ादी में जिसे भुलाया नहीं जा सकता है और जो आपके परिवार को सम्मान नहीं देते वे खुद सम्मान पाने के हकदार नहीं होंगे। आज पुनः दो गरिमामयी विरासतों का मेल हो रहा है जो हमेशा यादगार रहेगा। और हमें अपनी विरासत को खुद ही बचाना होगा।
सभा में तुषार गांधी ने साह परिवार के सभी सदस्यों को सम्मानित किया तथा चंपारण सत्याग्रह के सहयोगी रहे राजा राम मारवाड़ी के परिवार, बापू के प्राण की रक्षा करने वाले स्वर्गीय बतख मियां के परिवार, मोतिहारी के प्रथम विधायक स्वतंत्रता सेनानी जमुना राम मोची के परिवार, स्वतंत्रता सेनानी सुरेंद्र सिंह के परिवार सहित अन्य स्वतंत्रता सेनानी के परिवारों को शाह परिवार की ओर से तुषार गांधी द्वारा सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह में शहर के बहुत से गण्यमान्य व्यक्ति शामिल हुए।
124
Share This Article
Leave a review

Leave a review

Your email address will not be published. Required fields are marked *