एक तरफ बिहार के कई जिलों को स्मार्ट सिटी और जिले में मैटो दौराने की बात कही जा रही है तो वही दुसरी तरफ बिहार में एैसे कई गांव है जो आज भी विकास से कोशों दुर है। आज भी वहां के लोग चचरी पुल के भरोसे जिंदगी जिने को मजबुर है।
हम बात कर रहे है बिहार के किशनगंज जिले की जहां जिले के ठाकुरगंज प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत सखुआडाली पंचायत के वार्ड नंबर 3 के मेनागुड़ी नेबुभीट्टा दहिभात होटापाड़ा शीशागुड़ी गांव की जनता आज भी विकास से कोसो दूर है इस गांव की जनता को विकास अब तक नसीब नहीं हुआ है। इन गावों से मुख्य बाजार जाने के लिए चार सड़क है लेकिन लोगों को आज भी चर्चरी पूल और नाव का सहारा लेकर ज़िन्दगी गुजर बसर करना पड़ता है। वही स्थानीय ग्रामीणो ने अपना दुख दर्द बयां करते हुए कहा कि किसी को भी इमरजेंसी इलाज के लिए अगर अस्पताल ले जाना पड़ता है तो हम लोगों को खटिया का सहारा लेकर मुख्य सड़क तक पहुंचते हैं हम लोगों की समस्याओं को कोई सुनने वाला नहीं है हम सभी लोग अपनी जिंदगी भगवान भरोसे जी रहे हैं। वही चुनाव के समय आते ही हर नेताओं का दौरा शुरू हो जाता है और विकास का आश्वासन देकर नेता वोट लेते हैं लेकिन जीतने के बाद सांसद हो या विधायक 5 साल तक कोई नजर नही आता है। ग्रामीणों ने कहा कि हमारे समाज के बच्चो को एक अच्छा स्कूल या कोचिंग भी नसीब नहीं होता है। पूर्व से लेकर वर्तमान तक स्थानीय मुखिया से लेकर जिला परिषद तक हमारे वार्ड संख्या 3 के संबंध में आज तक किसी ने भी विकास को लेकर कोई काम नही किया है।
ग्रामीणों ने कहा कि अगर हमारी मांगों को बिहार सरकार ने पूरा नहीं किया तो आने वाला वक्त में हम लोग बड़े पैमाने पर आंदोलन करने का काम करेंगे। वही जब इन ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर स्थानिय जनप्रतिनिधियों से बात की गई तो सभी के अपने अपने बहाने थे।
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