– पीएसपी चिरैया,संग्रामपुर, एवं मधुबन, चकिया के स्वास्थ्य केंद्रों व समुदायों मे लोगों को किया गया जागरूक
– बचाव के लिए जरुरी है रात्रि में मछड़दानी का प्रयोग
– स्वास्थ्य केंद्रों पर है मलेरिया के जांच व इलाज की सुविधाएं
मोतिहारी। विश्व मलेरिया दिवस के मौके पर जिले के स्वास्थ्य केंद्रों,समुदायों मे आम व्यक्तियों क़ो सीएचओ व स्वास्थ्य कर्मियों के द्वारा जागरूक करते हुए विश्व मलेरिया दिवस मनाया गया। इस सम्बन्ध में जिले के सिविल सर्जन डॉ दिलीप कुमार ने कहा की मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से यह रोग होता है जिसका समय पर ईलाज आवश्यक है, समय पर ईलाज नहीं करवाने से यह भी एक जानलेवा बीमारी बन सकता है।
वहीं डीभीडीसीओ डॉ शरत चंद्र शर्मा ने बताया की मलेरिया से संक्रमित व्यक्ति को मच्छर के काटने के 6 से 8 दिन के बाद लक्षण दिखाई देते हैं। इसमें तेज बुखार, थकान, सिर दर्द, पेट में दर्द, चक्कर आना, बेहोशी आना, एनीमिया, मांसपेशियों के दर्द, उल्टियां होने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।उन्होंने बताया कि जिले के सभी पीएचसी में मलेरिया की जांच व इलाज की सुविधाएं उपलब्ध है। इससे घबराने की जरूरत नहीं है।
विश्व मलेरिया दिवस पर हुआ कार्यक्रम का आयोजन:
जिला मलेरिया ऑफिस मोतिहारी सहित चिरैया प्रखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अम्बरीया मे सीएचओ अनुष्का भारती, चमही मे फूल कुमारी,इजरा संग्रामपुर में सीएचओ भीखाराम की अध्यक्षता में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन हुआ।मौके पर छात्रों व आम लोगों को मलेरिया व एईएस से बचाव की जानकारी दी गईं। लोगों क़ो मलेरिया के लक्षण व इससे बचाव की जानकारी दी गई।
भीबीडीएस रविंद्र कुमार,धर्मेंद्र कुमार,राकेश कुमार, ने बताया कि स्वच्छता व सावधानियों को बरत कर हम सभी लोग मलेरिया से बच सकते हैं। घरों, खुले स्थानों इत्यादि के आसपास गंदगी होने के कारण वहां मच्छर पनपते हैं। इसके बाद वह इंसानों को काटकर उन्हें मलेरिया से संक्रमित कर देते हैं। इसलिए मलेरिया से बचाव के लिए आवश्यक है कि अपने घर के पास साफ सफाई रखें व मच्छर पनपने वाले स्रोतों को नष्ट करें।मच्छरदानी और मच्छररोधी क्रीम का इस्तेमाल करें व पूरी बांह के कपड़े पहनें।
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