रामगढ़। कैमूर जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र के सहुका गांव निवासी सेना के जवान शत्रुघ्न यादव की बुधवार की देर रात लखनऊ के एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। करीब नौ बजे जवान ने अंतिम सांस ली। मौत की सूचना मिलते ही सहुका गांव में मातम पसर गया और परिजनों में कोहराम मच गया। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
बताया जाता है कि बीते 9 सितंबर को रामगढ़ नगर के वार्ड नंबर-1 में हुई आग की घटना में शत्रुघ्न यादव गंभीर रूप से घायल हो गए थे। आरोप है कि कुछ लोगों द्वारा उन्हें स्कॉर्पियो में बंद कर आग के हवाले कर दिया गया था। घटना के बाद परिजन उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उन्हें लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पिछले कई दिनों से उनका इलाज चल रहा था, लेकिन बुधवार की रात उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद रामगढ़ पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के अगले दिन तीनों आरोपियों को पीआर बॉन्ड पर छोड़ दिया गया था। आरोपियों को पीआर बॉन्ड पर छोड़े जाने से नाराज सेना के जवान की पत्नी, परिजन और ग्रामीण कैमूर एसपी शिखर चौधरी के पास न्याय की गुहार लगाने पहुंचे थे।
परिजनों और ग्रामीणों की शिकायत के बाद एसपी के निर्देश पर रामगढ़ पुलिस ने पीआर बॉन्ड पर छोड़े गए तीनों आरोपियों को दोबारा गिरफ्तार किया। इसके बाद तीनों आरोपियों को न्यायालय हिरासत में भेज दिया गया था।
इधर, इलाज के दौरान जवान की मौत की पुष्टि रामगढ़ थानाध्यक्ष सुमित कुमार ने फोन के माध्यम से की। उन्होंने बताया कि लखनऊ के एक अस्पताल में इलाज के दौरान शत्रुघ्न यादव की मौत हो गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
वहीं, रामगढ़ विधायक सतीश कुमार यादव ने भी अपने फेसबुक पेज के माध्यम से सेना के जवान के निधन की जानकारी साझा करते हुए शोक व्यक्त किया। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
जवान की मौत के बाद अब इस मामले में पुलिस की आगे की कार्रवाई और जांच पर लोगों की नजर बनी हुई है।
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