भभुआ/कैमूर। भभुआ शहर स्थित गणेश वाटिका में बुधवार को बहुजन समाज पार्टी की महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में पार्टी के संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने, जिला से लेकर बूथ स्तर तक कमेटियों को सक्रिय करने तथा आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों की तैयारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बिहार के विभिन्न जिलों से पहुंचे पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने संगठन की मजबूती को लेकर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता बसपा कैमूर जिलाध्यक्ष अयोध्या राम ने की, जबकि मंच का संचालन विशंभर नाथ यादव ने किया। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में बसपा के केंद्रीय स्टेट प्रभारी बिहार डॉ. लालजी मेधानकर मौजूद रहे। विशिष्ट अतिथियों में बसपा बिहार प्रदेश अध्यक्ष शंकर महतो, मुख्य जोन प्रभारी बिहार सह पूर्व लोकसभा प्रत्याशी सासाराम संतोष कुमार, रामगढ़ विधायक सतीश कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए।
बैठक की शुरुआत बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर और बसपा के संस्थापक मान्यवर कांशीराम के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। इसके बाद संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा की गई। जोन स्तर की जिला कमेटी, विधानसभा कमेटी, सेक्टर कमेटी और बूथ कमेटियों को लेकर पदाधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया गया।
पार्टी नेताओं ने सभी जिलाध्यक्षों को निर्देश दिया कि संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत किया जाए और कार्यकर्ताओं को लगातार जनता के बीच सक्रिय रखा जाए। इसके साथ ही आगामी कार्यक्रमों को लेकर कार्यकर्ताओं में जिम्मेदारियां बांटने और संगठनात्मक गतिविधियों को तेज करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में 9 अक्टूबर को मान्यवर कांशीराम के महापरिनिर्वाण दिवस को व्यापक स्तर पर मनाने को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। पदाधिकारियों से कार्यक्रम की तैयारियां समय पर पूरी करने और अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की गई।
इस दौरान कार्यकर्ताओं ने वर्ष 2029 में बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती को देश का प्रधानमंत्री बनाने तथा आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में उन्हें मुख्यमंत्री बनाने के लक्ष्य के साथ संगठन को मजबूत करने का संकल्प लिया।
बैठक में बसपा नेताओं ने नीले रंग के राजनीतिक इस्तेमाल को लेकर भी अपनी बात रखी। डॉ. लालजी मेधानकर और संतोष कुमार ने राहुल गांधी एवं अखिलेश यादव के संदर्भ का उल्लेख करते हुए कहा कि केवल नीले रंग या नीले गमछे के इस्तेमाल से कोई व्यक्ति अंबेडकरवादी नहीं हो जाता। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर और मान्यवर कांशीराम के विचारों को समझने तथा उन्हें समाज तक पहुंचाने का आह्वान किया।
बैठक में भागीरथ पाल, संतोष कुमार, लल्लन राम, जितेंद्र कुमार सहित बड़ी संख्या में बसपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
17