18कैमूर : बाल सुधार गृह में किशोर की संदिग्ध मौत पर भभुआ में जनसैलाब
भभुआ/कैमूर। चैनपुर स्थित बाल सुधार गृह (पर्यवेक्षण गृह) में विचाराधीन 16 वर्षीय किशोर रुस्तम राईन की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर कैमूर में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बुधवार की शाम मृतक को न्याय दिलाने की मांग को लेकर भभुआ शहर में विशाल कैंडल मार्च निकाला गया। छावनी मोहल्ले से शुरू हुआ मार्च शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए एकता चौक तक पहुंचा। हाथों में जलती मोमबत्तियां और न्याय की मांग से जुड़े पोस्टर लिए बड़ी संख्या में लोग मार्च में शामिल हुए।
कैंडल मार्च के दौरान लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि किशोर की मौत की पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए और जांच किसी भी दबाव से प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
मार्च में नगर परिषद सभापति विकास तिवारी उर्फ बबलू तिवारी, पूर्व उपसभापति अमजद अली, वार्ड पार्षद बदरुद्दीन राईन, महताब अंसारी, अल्पसंख्यक नेता असलम अंसारी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, महिलाएं और युवा शामिल हुए।
कोर्ट में पेशी के बाद सामने आई मौत की खबर
जानकारी के अनुसार भभुआ के वार्ड नंबर 10 स्थित छावनी मोहल्ला निवासी रुस्तम राईन को 20 अगस्त से चैनपुर स्थित बाल सुधार गृह में रखा गया था। 10 सितंबर को उसे नियमित पेशी के लिए भभुआ सिविल कोर्ट लाया गया था। परिजनों के अनुसार कोर्ट परिसर में मुलाकात के दौरान रुस्तम सामान्य दिखाई दे रहा था। पेशी के बाद उसे वापस बाल सुधार गृह ले जाया गया। कुछ घंटे बाद उसकी तबीयत बिगड़ने और फिर मौत की सूचना परिजनों को मिली।
इसके बाद उसे सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
मृतक के परिजनों ने शव देखने के बाद उसके गले पर काले-नीले निशान होने का दावा किया। परिजनों ने आशंका जताई कि किशोर की गला दबाकर हत्या की गई है। साथ ही सुधार गृह में घटना को लेकर कर्मचारियों की ओर से बताई गई परिस्थितियों में विरोधाभास होने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
सात नामजद समेत अन्य के खिलाफ प्राथमिकी
मामले में मृतक के पिता की शिकायत पर चैनपुर थाने में बाल सुधार गृह के इंचार्ज अजय कुमार समेत सात नामजद और अन्य अज्ञात कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। शिकायत में हत्या और आपराधिक साजिश से जुड़े आरोप लगाए गए हैं।
अब कैंडल मार्च के माध्यम से लोगों ने प्राथमिकी के बाद निष्पक्ष जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग तेज कर दी है। प्रशासन की ओर से मामले में न्यायिक जांच की प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी दी गई है। संवेदनशील स्थानों और मृतक के घर के आसपास एहतियातन पुलिस बल व दंडाधिकारी की तैनाती भी की गई है।
फिलहाल रुस्तम की मौत की वास्तविक वजह क्या थी, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों की नजर अब जांच के निष्कर्ष और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर टिकी है।
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