बिग ब्रेकिंग-शिक्षा विभाग महाघोटाला : ऑफिस के दो कर्मियों ने किया 60 लाख रुपये कीअपनी पत्नी व माता के नाम पर अवैध निकासी, डीईओ ने दर्ज कराया चार अभियुक्तों पर प्राथमिकी

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Live News 24×7 के लिए मोतिहारी से कैलाश गुप्ता
मोतिहारी।

वैसे तो मोतिहारी शिक्षा विभाग किसी न किसी बहाने हमेशा सुर्खियों में रहता ही है, आज पुनः एक नए कारनामे से सुर्खियों में आ गया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी राजन कुमार गिरी की सक्रियता और विभाग की पैनी नजर ने दो कर्मियों के कारनामों की पर्दाफाश कर उनके व उसमें शामिल दो महिलाओं के विरुद्ध श्री गिरी के द्वारा नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराया गया है।

विदित हो कि निदेशक प्रशासन शिक्षा विभाग पटना के पत्रांक 2072 दिनांक 12.10.26 के आदेश के आलोक में जिला शिक्षा पदाधिकारी राजन कुमार गिरी के द्वारा त्वरित संज्ञान लेते हुए शिक्षक व शिक्षकेत्तर कर्मियों के HRMS प्रणाली से किये गए वेतन भुगतान के जांच के क्रम में पाया कि HRMS के कार्यों हेतु प्रतिनियुक्त एवं प्राधिकृत कर्मी मो0 इमामुद्दीन शाबिर उर्फ बेताब मदरसा शिक्षक, मदरसा मिसवाहुल उलूम सेमरहियां, प्रखंड छौड़ादानो पिता मो0 जलालुद्दीन शाबिर ग्राम सिसहनी, प्रखंड ढाका द्वारा स्वयं एवं अपने पत्नी रोविना कौशर एवं डाटा ऑपरेटर अमन कुमार HRMS , पिता सत्यनारायण प्रसाद ग्राम मोहल्ला छतौनी बाजार मोतिहारी के द्वारा स्वयं एवं अपनी माता श्रीमती सुमन के बैंक खाते में माह जून 2024 से माह सितम्बर 2026 तक कुल 60 लाख संतावन हजार एक सौ अंठावन रुपये की अवैध निकासी की गई है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी राजन कुमार गिरि ने जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना ब्रजेश कुमार के माध्यम से स्थानीय नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराया गया है।

बहराल इसका अंजाम जो भी हो परन्तु क्या इसके लिए वह अधिकारी दोषी नहीं है जिनके द्वारा एक शिक्षक से गैरशैक्षणिक कार्य तथा आउटसोर्सिंग कर्मी से वेतन भुगतान जैसे महत्वपूर्ण कार्य के लिए अपना आईडी पासवर्ड तक सौंप तक दिया जाता है……

मजे की बात तो यह है कि जब HRMS पोर्टल के माध्यम से 2024 से ही फर्जीवाड़ा हो रहा था तो स्थापना शाखा क्या कर रहा था। क्या डीपीओ स्थापना भी इसमें संलिप्त हैं? आखिर कंप्यूटर ऑपरेटर कैसे 2 सालों से अपने खाते में राशि भेज रहा था और डीपीओ स्थापना को इसकी भनक तक नहीं लगी? यह बात समझ से परे है और गहन जांच का विषय भी है।

गौरतलब हो कि पिछले हफ्ते ही एक ऐसे ही मामले का खुलासा भागलपुर में हुआ था। एक फर्जी विशिष्ट शिक्षिका तनुश्री के नाम पर एचआरएमएस पोर्टल के माध्यम से 98.12 लाख रुपये के अवैध वेतन भुगतान का खुलासा हुआ था। इसके बाद के शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भागलपुर के जिला शिक्षा पदाधिकारी चंदन कुमार और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना शशि चंदन चौधरी को निलंबित कर दिया गया है।

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