रामगढ़ विधानसभा का स्ट्रॉन्ग रूम खुला, हाईकोर्ट के निर्देश पर दस्तावेजों की होगी छंटाई

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भभुआ/मोहनिया, कैमूर। बिहार की रामगढ़ विधानसभा सीट एक बार फिर चुनावी चर्चा के केंद्र में है। पटना हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में सोमवार, 27 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र से संबंधित ईवीएम वेयरहाउस/स्ट्रॉन्ग रूम खोला गया। इस कार्रवाई को लेकर लोगों की नजरें टिकी रहीं। हालांकि, जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्ट्रॉन्ग रूम खोलने का उद्देश्य मतगणना कराना नहीं, बल्कि न्यायालय में लंबित चुनावी याचिका से संबंधित दस्तावेजों की छंटाई और संकलन करना है। जिला जनसंपर्क कार्यालय, कैमूर की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह कार्रवाई बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2025 से संबंधित निर्वाचन याचिका संख्या 17/2025 के आलोक में की गई है। यह याचिका अशोक कुमार सिंह बनाम सतीश कुमार सिंह यादव एवं अन्य के मामले से जुड़ी है। न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में जिला प्रशासन आवश्यक अभिलेखों को व्यवस्थित करने की प्रक्रिया पूरी कर रहा है। संबंधित पक्षों की मौजूदगी में खोला गया स्ट्रॉन्ग रूम प्रशासन के अनुसार, स्ट्रॉन्ग रूम खोलने की प्रक्रिया जिला निर्वाचन पदाधिकारी, संबंधित पक्षों और मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्यस्तरीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में संपन्न की गई। निर्धारित प्रक्रिया के तहत याचिकाकर्ता, प्रतिवादियों और संबंधित राजनीतिक दलों को 72 घंटे पहले विधिवत सूचना उपलब्ध कराई गई थी। सात सदस्यीय टीम को मिली जिम्मेदारी दस्तावेजों की छंटाई एवं संकलन का कार्य व्यवस्थित तरीके से पूरा कराने के लिए अवर निर्वाचन पदाधिकारी, भभुआ श्रीमती वेद रिचा के नेतृत्व में सात सदस्यीय प्रशासनिक दल की प्रतिनियुक्ति की गई है। वेयरहाउस खोलने और बंद करने की प्रक्रिया के लिए भी आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित की गई। पूरी कार्रवाई पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गई है। साथ ही, सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए संबंधित वेयरहाउस गार्ड प्रभारी को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। मतगणना को लेकर भ्रम से बचने की अपील रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र से संबंधित इस कार्रवाई को लेकर सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि जिला प्रशासन ने दस्तावेजों की छंटाई और संकलन को ही इसका उद्देश्य बताया है। प्रेस विज्ञप्ति में कहीं भी मतगणना या दोबारा मतगणना की घोषणा नहीं की गई है। जिला प्रशासन ने न्यायालयीय निर्देशों के अनुपालन, अभिलेखों के सुव्यवस्थित संधारण तथा पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई है। अब इस मामले में आगे की कार्रवाई न्यायालयीय प्रक्रिया और निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप की जाएगी। 38
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