- हृदय रोग, कटे होंठ-तालु और टंग टाई से पीड़ित बच्चों को मिलेगी विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा
वैशाली। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत वैशाली के 24 बच्चों को बेहतर इलाज के लिए पटना भेजा गया है। इनमें 12 बच्चे हृदय रोग से पीड़ित हैं, जबकि 12 बच्चे कटे होंठ, कटे तालु और टंग टाई की समस्या से ग्रसित हैं। जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से बच्चों को जांच, इलाज और सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए यह पहल की गई है।
हृदय रोग से पीड़ित 12 बच्चों को 27 अक्टूबर को चार एंबुलेंस से इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान (आईजीआईसी), पटना भेजा गया। वहां बच्चों की प्रारंभिक जांच और इको (ईसीएचओ) परीक्षण किया जाएगा। जांच में बीमारी की पुष्टि होने के बाद बच्चों का निःशुल्क ऑपरेशन आईजीआईसी, पटना, श्री सत्य साईं हृदय अस्पताल, अहमदाबाद सहित अन्य चिह्नित अस्पतालों में कराया जाएगा।
वहीं, कटे होंठ, कटे तालु और टंग टाई से पीड़ित 12 बच्चों को 26 अक्टूबर को तीन एंबुलेंस से मेडिवर्सल मातृ हॉस्पिटल, पटना भेजा गया था। दो से 14 अक्टूबर तक चले विशेष अभियान के अगले चरण में भेजे गए इन बच्चों में पांच को सर्जरी के लिए, जबकि सात को फॉलोअप और आगामी सर्जरी की तैयारी के लिए पटना ले जाया गया। इस अभियान के तहत अब तक चार बच्चों का ऑपरेशन कराया जा चुका है। बच्चों के इलाज और अस्पताल के साथ समन्वय के लिए फार्मासिस्ट राजीव कुमार को तैनात किया गया है।
इस पहल का उद्देश्य जन्मजात बीमारियों से पीड़ित बच्चों की समय पर पहचान कर उन्हें विशेषज्ञ चिकित्सा और आवश्यक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराना है। बच्चों को इलाज के लिए संबंधित अस्पतालों तक पहुंचाने की व्यवस्था जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से की गई।
जिला समन्वयक (डीसी-आरबीएसके) डॉ. शाहिस्ता और आरबीएसके के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. कुमार सौरभ इस पहल से जुड़े रहे। 26 अक्टूबर को बच्चों की रवानगी के दौरान जिला पदाधिकारी एवं कार्यपालक पदाधिकारी ऋतु राज भी उपस्थित रहे।
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